सीरिया से निकलने के लिए तुर्की की शर्तें
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तुर्क सरकार ने सीरिया से निकलने के लिए अपनी नयी शर्तें पेश की हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr ०२, २०१७ १२:३० Asia/Kolkata
  • सीरिया से निकलने के लिए तुर्की की शर्तें

तुर्क सरकार ने सीरिया से निकलने के लिए अपनी नयी शर्तें पेश की हैं।

तुर्क विदेशमंत्री मौलूद चावूश ओग़लू ने हुर्रियत समाचार पत्र से बात करते हुए कहा कि अन्कारा उस समय तक अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाएगा जब तक वहां स्थानीय बल तैनात नहीं हो जाते और आम नागरिक अपने घरों को नहीं लौट आते।

तुर्की विदेशमंत्री का यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि तुर्की के प्रधानमंत्री बिन अली येल्दीरीम ने 29 मार्च से सीरिया में फ़ुरात शील्ड नामक सैन्य अभियान की समाप्ति की सूचना दी थी। उन्होंने इसी प्रकार कहा था कि जब भी तुर्की की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरे का आभास होने लगेगा, सीरिया में तुर्की का नया सैन्य अभियान फिर से आरंभ हो जाएगा।

सीरिया में सैन्य अभियान के बारे में तुर्क अधिकारी का यह बयान एेसी हालत में है कि सीरिया की क़ाूननी सरकार के कई मोर्चे पर लड़ने और विदेशी सरकारों के कायराना हमलाे के कारण देश की पूरी धरती पर नियंत्रण नहीं है। दूसरे शब्दों में सरिया के विरुद्ध अंकारा के अधिकारियों का हस्तक्षेपपूर्ण बयान, तुर्क सैनिकों की क्षमता का चिन्ह नहीं है बल्कि तुर्क अधिकारियों की कमज़ोरी, आंतरिक संकट से पल्ला छुड़ाने, देश में विरोधियों पर पूर्ण नियंत्रण में अक्षमता तथा तुर्की के कुर्दों को नियंत्रित करने में अनुपयोगी होने के अर्थ में है।
प्रत्येक दशा में यह कहा जा सकता है कि सीरिया की वर्तमान स्थिति के कारण अंकारा के अधिकारियों ने सीरिया की अखंडता और उसकी स्वाधीनता लिए नई शर्तें रख दी हैं। सीरिया के कुछ भाग पर क़ब्ज़े के लिए तुर्क अधिकारियों के बहाने पर यदि नज़र डाली जाए तो इससे पता चल जाता है कि इस बारे में अंकारा अधिकारियों के पास अपनी नीति के लिए कोई विशेष तर्क या औचित्य नहीं है। यह एेसी स्थिति में है कि क्षेत्र के बहुत से राजनेता विशेषकर सीरिया और इराक़ के अधिकारियों ने नुस्रा फ़्रंट व दाइश सहित आतंकवादी गुटों के समर्थन का अंकारा सरकार पर आरोप लगाया है। (AK)