अरब संघ ने सीरिया पर अमेरिकी हमले पर केवल चिंता जताई
अरब संघ सीरिया में आम नागरिकों की हत्या और सीरियाई संप्रभुता के उल्लंघन का विरोधी है। अरब संघ
अरब संघ के महासचिव ने सीरिया में लड़ाई के समाप्त होने और इस देश की संप्रभुता की रक्षा पर बल दिया है।
अरब संघ के महासचिव अहमद अबूल ग़ीत ने क़ाहेरा में पत्रकारों से बात करते हुए सीरिया में अमेरिका के मिज़ाइली हमले की ओर संकेत किया और इस हमले के बाद खतरे में वृद्धि के प्रति चेतावनी देते हुए कहा कि अरब संघ सीरिया में आम नागरिकों की हत्या और सीरियाई संप्रभुता के उल्लंघन का विरोधी है।
उन्होंने सीरिया में युद्धरत समस्त पक्षों से मांग की है कि वे इस देश के निर्दोष लोगों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दिये बिना राजनीतिक उपलब्धियों को बड़ा दिखाने से परहेज़ करें।
अमेरिका ने शुक्रवार की तड़के सीरिया के होम्स प्रांत में स्थित शइरात हवाई छावनी पर हमला किया था। अमेरिका ने भूमध्य सागर में मौजूद अपने युद्धपोतों से 59 क्रूज़ मिजाइल फायर किये थे। यह हमला सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना अंजाम दिया गया।
अमेरिका का दावा है कि सीरिया के एदलिब प्रांत के ख़ान शैखून क्षेत्र में रासायनिक हमला शइरात छावनी से किया गया था और इसी तथाकथित हमले का औचित्य दर्शाने के बहाने से उसने यह हमला किया था।
अमेरिका के इस मिज़ाइली हमले से इस आशंका में वृद्धि हो गयी है कि मध्यपूर्व में अपने हितों को आगे बढ़ाने के लक्ष्य से अमेरिका क्षेत्रीय देशों के आंतरिक मामलों में सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है और उसके इस मिज़ाइली हमले पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं भी जताई गयी है।
इस संबंध में अरब संघ के महासचिव ने सीरिया संकट के बारे में देर से चिंता जताई है और अरब संघ की नीतियों ने आम जनमत के ध्यान को एक बार फिर अपनी ओर आकृष्ट कर लिया है।
यह चिंता ऐसी स्थिति में जताई गयी है जब बहुत से अरब देश अब भी पश्चिम की वर्चस्ववादी नीतियों की हां में हां मिला रहे हैं और अमेरिकी हमले का समर्थन और उसे साहसिक कदम बता रहे हैं।
बहरहाल जब तक सीरिया संकट और इस देश की संप्रभुता के संबंध में अरब संघ की नीतियों में बुनियादी परिवर्तन नहीं होता तब तक सीरिया संकट और उन समस्याओं व कठिनाइयों के समाधान में कोई सहायता नहीं मिलेगी जिनका क्षेत्र के देशों को सामना है। MM