17 आतंकवादी गुटों की सम्मिलिति से सेना का गठन
तुर्की, सीरिया सरकार के विरोधी 17 सशस्त्र गुटों की एक सेना बनाने जा रहा है।
यह बात पिछले कई दिनों से स्थानीय संचार माध्यमों में कही जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि आतंकवादी गुटों की सम्मिलिति से बनी सेना का मुख्यालय, सीरिया का इदलिब नगर होगा। सीरिया के इदलिब प्रांत के संचार माध्यमों का कहना है कि सीरिया की सीमा पर तुर्की की गतिविधियों से इस बात को बल मिलता है कि यह असंभव नहीं है।
17 आतंकवादी गुटों पर आधारित सेना के गठन के बारे में संचार माध्यमों में प्रकाशित होने वाली इस ख़बर को अनदेखा करते हुए जिस प्रकार से सीरिया की सीमा पर तुर्की की गतिविधियां देखी जा रही हैं उनसे यह बात असंभ नहीं लगती। पिछले कुछ दिनों में स्थानीय लोगों की ज़बान पर रक़्क़ा में सैन्य कार्यवाही की बातें सुनने को मिल रही हैं। रक़्क़ा अभियान के बारे में तुर्की और अमरीका के दृष्टिकोण भिन्न हैं। अमरीका का मानना है कि दाइश के विरुद्ध कार्यवाही में सीरिया के कुर्द सशस्त्र लड़ाकों को प्रयोग किया जाए। दूसरी ओर तुर्की, अपने दृष्टिगत समीकरणों के कारण इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है कि इस अभियान में सीरिया के सशस्त्र कुर्द गुट शामिल हों। तुर्की का मानना है कि इस अभियान में किसी भी स्थिति में कोई कुर्दी गुट भाग न ले। टीकाकारों का कहना है कि संभवतः यही कारण है कि तुर्की, सशस्त्र आतंकी गुटों को इकट्ठा करके एक सेना बनाना चाहता है। सीरिया की सरकार का विरोध करने वाले सशस्त्र गुटों को जमा करके सेना बनाने से तुर्की का एक लक्ष्य यह है कि सीरिया में सशस्त्र गुटों को होने वाली निरंतर पराजय को रोका जा सके और दूसरी ओर वह अमरीका को यह दिखाना चाहता है कि किसी से मदद लिए बिना ही हम सीरिया के समीकरणों को बिगाड़ सकते हैं।
राजनैतिक टीकाकार कहते हैं कि हालांकि सीरिया सरकार के विरोधी सशस्त्र गुटों पर आधारित सेना बनाने के समाचार की तुर्की के अधिकारों ने न तो पुष्टि की है और न ही उसका खण्डन किया है किंतु सीरिया से मिलने वाली तुर्की की सीमा पर की जाने वाली गतिविधियों से एेसा लगता है कि इस बात को पूरी तरह से रद्द भी नहीं किया जा सकता।