मस्जिदुल अक़्सा का संबंध समस्त मुसलमानों से हैः ईरान
आजकल एक बार फिर फिलिस्तीन में जायोनी शासन के हमले व षडयंत्र तेज़ हो गये हैं।
इराक और सीरिया में जो आतंकवादी हमले होते -रहते हैं उसके कारण फिलिस्तीन समस्या पर ध्यान बहुत कम हो गया है परंतु मस्जिदुल अक्सा में होने वाली हालिया घटनाओं ने एक बार फिर दर्शा दिया है कि फिलिस्तीन का मुद्दा अब भी इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।
अतिक्रमणकारी ज़ायोनी सैनिकों ने इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतेनयाहू के आदेश से 14 से 16 जुलाई तक मस्जिदुल अक्सा में फिलिस्तीनी नमाज़ियों के प्रवेश को रोक दिया और जब दोबारा उसे खोला गया तो उसके दरवाज़े पर इलेक्ट्रांनिक गेट लगा दिया गया था।
इस्राईल की यह कार्यवाही फिलिस्तीनियों के क्रोध का कारण बनी और जायोनी सैनिकों ने फिलिस्तीनियों की आपत्ति का जवाब गोलियों से दिया। जायोनी सैनिकों की दमनकारी इस कार्यवाही में कई फिलिस्तीनी शहीद और सैकड़ों घायल हो गये।
फिलिस्तीन के इस्लामी आंदोलन के प्रतिनिधि नासिर अबू शरीफ़ ने रविवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों से भेंटवार्ता की और मस्जिदुल अक्सा और कुद्स की वर्तमान स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट पेश की।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस समय इस्लामी जगत को विशेषकर फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर जिस ख़तरे का सामना है वह क्षेत्र में जायोनी शासन के षडयंत्रों से निश्चेतना है।
जायोनी शासन के षडयंत्रों व हमलों के कारण ही पहले चरण में फिलिस्तीन की काफी भूमियों का अतिग्रहण कर लिया गया और लाखों फिलिस्तीनियों को बेघर कर दिया गया जबकि दूसरे चरण में फिलिस्तीनी राष्ट्र को ख़त्म कर देने के लिए उसका नस्ली सफाया किया गया और अब मुसलमानों के पहले क़िबले मस्जिदुल अक्सा को ध्वस्त किये जाने के लिए षडयंत्र रचे जा रहे हैं।
जायोनी शासन द्वारा किये जा रहे षडयंत्र इस वास्तविकता के सूचक हैं कि इस्राईल क्षेत्र व विश्व में असुरक्षा एवं अशांति का स्रोत बन गया है और यह इस बात का पर्याप्त तर्क है कि फिलिस्तीन समस्या पर विशेष व अधिक ध्यान दिया जाये।
इस्लामी गणतं ईरान ने सदैव फिलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन पर बल दिया है और ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी की उस प्रतिक्रिया को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा है कि कुद्स और मुसलमानों के पहले किब्ले मस्जिदुल अक्सा का संबंध विश्व के समस्त मुसलमानों से है। MM