अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन को भंग किया जायेः सीरिया
ज्ञात रहे कि जुलाई वर्ष 2014 में दाइश से मुकाबले के बहाने अमेरिका की अगुवाई में सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना तथाकथित आतंकवाद विरोधी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना था और उस समय से लेकर आज तक वह सीरिया में हमले कर रहा है।
सीरिया के विदेशमंत्रालय ने एक पत्र संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव और दूसरा पत्र सुरक्षा परिषद के प्रमुख के नाम लिखकर उनसे मांग की है कि अमेरिका के ग़ैर क़ानूनी तथाकथित आतंकवाद विरोधी गठबंधन को भंग किया जाये।
ज्ञात रहे कि अमेरिका की अगुवाई में बना तथाकथित आतंकवाद विरोधी गठबंधन राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र से हटकर बना है और सीरियाई सरकार की अनुमति के बिना वह इस देश में आतंकवादियों से मुकाबले के बहाने हमले करता- रहता है।
सीरिया के विदेशमंत्रालय के पत्र में आया है कि अमेरिकी गठबंधन प्रतिदिन सीरिया में आम नागरिकों के विरुद्ध अपने हमलों व अपराधों को विशेषकर रक्का, हलब, हसका और दैरुज़्ज़ूर प्रांतों में जारी रखे हुए है।
सीरिया का आम जनमत चाहता है कि अमेरिका की अगुवाई में बने तथाकथित आतंकवाद विरोधी गठबंधन को भंग कर दिया जाये क्योंकि उसका कहना है कि यह ग़ैर कानूनी गठबंधन है और दमिश्क सरकार की अनुमति के बिना वह सीरिया में हमले कर रहा है और इन हमलों में आम नागरिक मारे जाते हैं।
ज्ञात रहे कि जुलाई वर्ष 2014 में दाइश से मुकाबले के बहाने अमेरिका की अगुवाई में सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना तथाकथित आतंकवाद विरोधी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना था और उस समय से लेकर आज तक वह सीरिया में हमले कर रहा है।
इस्तांबोल में रहने वाले एक राजनीतिक विश्लेषकर सलीम याशार ने इस गठबंधन की भूमिका के बारे में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य आतंकवादी गुटों का समर्थन करना है। उन्होंने बल देकर कहा कि आतंकवाद से मुकाबले के संबंध में अमेरिका की नीति बहुत ही धूर्ततापूर्ण है।
रोचक बात यह है कि अमेरिका कभी भी आतंकवाद से मुकाबले के प्रयास में नहीं था बल्कि वह केवल अपने लक्ष्यों की दिशा में आतंकवादियों का दिशा निर्देशन करता है और व्यवहारिक रूस से आतंकवाद से मुकाबले में उसकी कोई भूमिका नहीं रही है। MM