मस्जिदुल अक़्सा के समर्थन में फ़िलिस्तीनियों की मानव ज़न्जीर
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रविवार को हज़ारों की संख्या में क़ुद्स के बच्चों और उनके मां-बाप ने मस्जिदुल अक़्सा के प्रांगण में विशाल मानव ज़न्जीर बनायी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०७, २०१७ १३:४० Asia/Kolkata

रविवार को हज़ारों की संख्या में क़ुद्स के बच्चों और उनके मां-बाप ने मस्जिदुल अक़्सा के प्रांगण में विशाल मानव ज़न्जीर बनायी।

राजनैतिक हल्क़े फ़िलिस्तीनियों के इस क़दम का उद्देश्य इस पवित्र स्थल की रक्षा और फ़िलिस्तीनी बच्चों को इस पवित्र स्थल में हमेशा मौजूद रहने के लिए प्रेरित करना बता रहे हैं ताकि इस तरह क़ुद्स की राजधानी में एक फ़िलिस्तीनी देश का गठन हो सके।

ज़ायोनी शासन भय व आतंक के ज़रिए फ़िलिस्तीनियों के विभिन्न वर्ग को इस पवित्र मस्जिद में दाख़िल होने से रोकना चाहता है ताकि इस तरह अपने विस्तारवादी लक्ष्य साध सके। यही वजह है कि ज़ायोनी आए दिन मस्जिदुल अक़्सा पर हमला और इस पवित्र स्थल का अनादर करते हैं। इन हमलों में जो अक्तूतर 2015 में क़ुद्स इन्तेफ़ाज़ा के शुरु होने का कारण बना, अब तक लगभग 350 फ़िलिस्तीनी शहीद और बड़ी संख्या में घायल व गिरफ़्तार हुए।

ज़ायोनी शासन मस्जिदुल अक़्सा का अनादर करके फ़िलिस्तीनियों सहित दुनिया भर के मुसलमानों की मस्जिदुल अक़्सा के संबंध में प्रतिक्रिया को आंकना चाहता है ताकि इस तरह मस्जिदुल अक़्सा के संबंध में अपनी विस्तारवादी नीति को लागू कर सके। ऐसे हालात में फ़िलिस्तीनी बच्चों, जवानों और बूढ़ों की ओर से ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ व्यापक प्रतिक्रिया और इस शासन को मस्जिदुल अक़्सा के निरंतर अतिक्रमण से रोकने के लिए गंभीर उपाय करना ज़रूरी है और ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ मानव ज़न्जीर का बनना इस दृष्टि से समीक्षा योग्य है।

रविवार को मस्जिदुल अक़्सा के प्रांगण में ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनियों की विशाल मानव ज़न्जीर यह दर्शाती है कि फ़िलिस्तीनी जनता का इन्तेफ़ाज़ा न सिर्फ़ यह कि रुकने वाला नहीं है बल्कि फ़िलिस्तीनियों ने आपस में एकता के ज़रिए ज़ायोनी शासन के खिलाफ़ सामूहिक अभियान की नई लहर शुरु की है जिसमें युवा पीढ़ी आगे आगे है। (MAQ/T)