इस्राईल को सीरिया की धमकी
सीरिया की सेना ने ज़ायोनी शासन को सीरिया पर दोबारा हमले की ओर से सचेत किया है।
सीरिया की सेना ने सोमवार को एक बयान जारी करके ज़ायोनी शासन को धमकी देते हुए कहा है कि वह आतंकवाद के विरुद्ध अपना युद्ध जारी रखेगी। इससे पहले ज़ायोनी शासन के मीडिया सूत्रों ने बताया था कि इस्राईल के युद्धक विमानों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क़ के निकट एक एंटी एयर क्राफ़्ट सिस्टम पर हमला किया।
ज़ायोनी मीडिया ने दावा किया कि इस्राईली युद्ध विमानों ने लेबनान की सीमा में उड़ान भर रहे इस्राईली विमान पर हमले के बाद सीरिया के एक एंटी एयर क्राफ़्ट सिस्टम पर हमला करके उसे तबाह कर दिया। ज़ायोनी शासन का दावा है कि सीरिया का यह एंटी एयर क्राफ़्ट सिस्टम दमिश्क़ के निकट तैनात था। इससे पहले भी ज़ायोनी शासन के युद्धक विमानों ने लेबनान की वायु सीमा से सीरिया के हमा प्रांत के निकट मिसयाफ़ क्षेत्र में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था जिसके परिणाम में दो सैनिक मारे गये और सैन्य छावनी को भारी नुक़सान हुआ था।
हालिया वर्षों में और सीरिया में संकट आरंभ होने के बाद, ज़ायोनी शासन ने आतंकवादी गुटों का समर्थन करते हुए सीरिया के कई स्थानों पर सेना के ठिकानों पर हमले किए। ज़ायोनी शासन ने तकफ़ीरी और आतंकवादी गुटों का समर्थन करके सीरिया संकट में मुख्य भूमिका निभाई है और उसने इस देश की विषम स्थिति से लाभ उठाते हुए तकफ़ीरी आतंकवादियों के भरपूर समर्थन में कई बार हवाई हमले किए।
सीरिया पर इस्राईल के हमलों से पता चलता है कि यह वर्चस्ववादी शासन सीरिया की धरती पर भी नज़रें गाड़े हुए है क्योंकि वर्ष 1967 में सीरिया के गोलान हाइट्स पर इस्राईल ने क़ब्ज़ा कर लिया था और इन पहाड़ियों के विभिन्न क्षेत्रों पर वह अपनी स्थिति मज़बूत करने और वहां से सीरिया के हालात पर नज़र रखने के प्रयास में है। बहरहाल सीरिया की सेना ने लेबनान के भीतर इस्राईली युद्धक विमान पर हमला करके अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दिया है। (AK)