जेनेवा वार्ता के मार्ग में सऊदी उल्लंघन, सीरिया की आलोचना
सीरिया सरकार की ओर से जेनेवा वार्ता में शामिल प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख बश्शार जाफ़री ने बल दिया कि सऊदी अरब की योजना ने सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत स्टीफ़न दि मिस्तूरा के लिए जेनेवा के रास्ते में बारूदी सुरंग लगा दी है।
उन्होंने ने कहा कि सऊदी अरब का कार्यक्रम जेनेवा शांति वार्ता के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न करना है। राजनैतिक हल्क़ों का यह मानना है कि रियाज़ बैठक में घोषणा पत्र जारी किए जाने के बाद दि मिस्तूरा का रियाज़ की प्रशंसा करना, क्षेत्र में उसके उल्लंघनों और मतभेद फैलाने की कार्यवाही जारी रखने तथा सीरिया संकट के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठकों को परिणामहीन बनाने के लिए हरी झंडी है।
सऊदी अरब ने जेनेवा में आठवें चरण की बैठक के आयोजन से पहले ही रियाज़-2 बैठक का आयोजन किया जिसमें सीरिया सरकार के कुछ विरोधियों ने भाग लिया। इस बैठक के आयोजन का लक्ष्य यह दिखाना था कि वह सीरिया सरकार के विरोधियों में काफ़ी पैठ रखता है।
यह एेसी स्थिति में है कि यह वार्ता आतंकवादियों के क्षेत्रीय और बाहरी समर्थकों के क्रियाकलापों और सीरिया सरकार के विरोध के कारण कुछ ख़ास नहीं कर सकी। यहां पर इस बात का उल्लेख भी आवश्यक है कि जिन वार्ताओं में सऊदी अरब के प्रभाव नहीं हैं उनके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं जैसे आस्ताना वार्ता। आस्ताना वार्ता का परिणाम, सीरिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष विराम और तनाव रहित क्षेत्र बनाने के रूप में सामने आया है।
बहरहाल सीरिया संकट के आरंभ से ही सऊदी अरब सहित कई देशों ने संकट की आग को ख़ामोश करने के बजाए आग भड़काने का ही काम किया है किन्तु ईरान और रूस सहित सीरिया संकट का हल चाहने वाले देशों के प्रयासों ने उनके षड्यंत्रों को विफल बना दिया है। (AK)