महासभा का प्रस्ताव हक़ की जीत हैः इस्माईल हनिया
हमास के राजनीतिक कार्यालय के अध्यक्ष ने इसी प्रकार अमेरिकी सरकार का आह्वान किया है कि वह विश्व समुदाय की मांगों का सम्मान करते हुए बैतुल मुकद्दस के बारे में अपने फैसले की अनदेखी कर दे।
महासभा का प्रस्ताव हक़ की जीत हैः इस्माईल हनियाफिलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख ने बैतुल मुकद्दस के बारे में राष्ट्रसंघ महासभा के प्रस्ताव को हक़, न्याय और इतिहास की जीत बताया है।
समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार इस्माईल हनिया ने गुरूवार की रात को बैतुल मुकद्दस के संबंध में राष्ट्रसंघ महासभा के प्रस्ताव की प्रतिक्रिया में कहा कि इस प्रस्ताव ने सिद्ध कर दिया कि कानून के मुकाबले धमकी की भाषा का कोई फायदा नहीं है और सिद्धांत हितों से अधिक शक्तिशाली है।
इस्माईल हनिया ने कहा कि जिन देशों ने राष्ट्रसंघ महासभा में बैतुल मुकद्दस से संबंधित प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया उन्होंने अमेरिकी वर्चस्व और ज़ोर ज़बरदस्ती की नीति के मुकाबले में स्वतंत्र राष्ट्रों की मांगों का जवाब दिया है।
हमास के राजनीतिक कार्यालय के अध्यक्ष ने इसी प्रकार अमेरिकी सरकार का आह्वान किया है कि वह विश्व समुदाय की मांगों का सम्मान करते हुए बैतुल मुकद्दस के बारे में अपने फैसले की अनदेखी कर दे।
इसी बीच तुर्की के राष्ट्रपति ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का आह्वान किया है कि बैतुल मुकद्दस के बारे में अपने फैसले को निरस्त कर दें।
समाचार एजेन्सी इस्ना की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रसंघ महासभा ने बैतुल मुकद्दस के बारे में एक प्रस्ताव पारित किया है जिसके अनुसार यह महासभा बैतुल मुकद्दस को इस्राईल की राजधानी के रूप में मान्यता नहीं देगी और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान का यह बयान इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद सामने आया है।
रजब तय्यब अर्दोगान ने कहा है कि हम ट्रम्प सरकार का आह्वान करते हैं कि वह अविलम्ब बैतुल मुकद्दस के बारे में अपने निर्णय को निरस्त कर दे। MM