इस्राईली सैनिकों के हाथों 2 फ़िलिस्तीनी शहीद हुए
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11 जनवरी 2018 को एक फ़िलिस्तीनी व्यक्ति ग़ज़्ज़ा पट्टी के दैरुल बलह शहर के एक मुर्दाघर में 16 साल के किशोर अमीर अब्दुल हमीद अबू मुसाइद के शव को देखता हुआ (क़ुद्स प्रेस के सौजन्य से)
इस्राईली सैनिकों ने अतिग्रहित पश्चिमी तट और नाकाबंदी से घिरे ग़ज़्ज़ा पट्टी के केन्द्रीय भाग में 2 फ़िलिस्तीनी किशोरों को गोली मार कर शहीद कर दिया।
ये फ़िलिस्तीनी किशोर, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में मान्यता देने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हुयी झड़प में शहीद हुए।
ग़ज़्ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ़ क़दरा ने गुरुवार की शाम एक बयान में कहा कि 16 साल का अमीर अब्दुल हमीद अबू मुसाइद बुरैज कैंप के पूर्वी भाग में सीमावर्ती बाड़ के निकट सीने में लगी गोली से गंभीर रूप से घयल हुआ। इस किशोर को दैरुल बलह सिटी के अलअक़्सा शहीद अस्तपताल ले जाया गया जहां उसने घाव सहन न कर पाने के कारण दम तोड़ दिया। दैरुल बलह शहर ग़ज़्ज़ा शहर के 14 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
इस घटना के थोड़ी देर बाद ज़ायोनी सैनिकों ने अतिग्रहित पश्चिमी तट के नाबलुस शहर के 7 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित बरीन गांव में प्रदर्शन कर रहे फ़िलिस्तीनियों के एक गुट पर फ़ायरिंग कर दी, जिसमें 17 साल का फ़िलिस्तीनी किशोर अली उमर निम्र क़िनो शहीद हुआ।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 6 दिसंबर को बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में मान्यता देने और अमरीकी दूतावास को तेल अविव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने का एलान किया, जिसका दुनिया भर में विरोध हो रहा है। (MAQ/N)