ट्रम्प का फ़ैसला इस्राईल के विनाश की शुरुआत साबित होगा
फ़िलिस्तीन के हमास आंदोलन के पोलित ब्योरो के प्रमुख इसमाईल हनीया ने कहा कि बालफ़ोर घोषणा पत्र ज़ायोनी शासन के गठन की भूमिका बना था और अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का बैतुल मुक़द्दस के बारे में फ़ैसला इस्राईल के अंत की शुरुआत साबित होगा।
इसमाईल हनीया ने मंगलवार को फ़िलिस्तीन तथा क्षेत्र में हो रहे परविर्तनों के बारे में बोलते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि सारे फ़िलिस्तीन शरणार्थी अपनी धरती पर वापस लौटें।
उन्होंने कहा कि बैतुल मुक़द्दस का संकट क्षेत्र में हो रही घटनाओं का केन्द्रीय बिंदु है। इसमाईल हनीया का कहना था कि अमरीका के उप राष्ट्रपति माइक पेन्स की क्षेत्रीय देशों की यात्रा अभिषप्त यात्रा है और बैतुल मुक़द्दस के बारे में ट्रम्प का फ़ैसला तथा इस्राईली संसद में अमरीकी उप राष्ट्रपति पेन्स का भषण फ़िलिस्तीन मुद्दे की बड़ी चुनौतियां हैं।
दूसरी ओर हमास संगठन ने प्रवक्ता मुशीर अलमस्री ने तसनीम न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में कहा कि हम यह समझते हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई फ़िलिस्तीनी संगठनों को मज़बूत बनाने में हमेशा अग्रणी रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि फ़िलिस्तीन का संकट पूरे इस्लामी जगत का संकट है अतः सबको चाहिए कि इस संदर्भ में अपने दायित्व का आभास करें। मुशरी अलमस्री ने कहा कि फ़िलिस्तीनी संगठन जिस ज़ायोनी शासन से युद्ध कर रहे हैं वह पूरे इस्लामी जगत के लिए एक बड़ा ख़तरा है।
प्रवक्ता ने कहा कि हमें खेद है कि कुछ अरब सरकारें बड़े उतावलेपन में ज़ायोनी शासन से संबंध स्थापित कर रही हैं और ट्रम्प के फ़ैसले पर उन्होंने कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं ज़ाहिर की।