ग़ज़्ज़ा की दयनीय स्थिति का ज़िम्मेदार सुरक्षा परिषद हैः रियाज़ मालेकी
संयुक्त राष्ट्र संघ में फ़िलिस्तीन के राजदूत ने सुरक्षा परिषद को ग़ज़्ज़ा की दयनीय स्थिति और अत्याचारपूर्ण परिवेष्टन का मुख्य ज़िम्मेदार क़रार दिया है।
फ़िलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की अघोषित बैठक से पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए फ़िलिस्तीन के राजदूत रियाज़ मंसूर ने कहा कि ग़ज़्ज़ा के ग़ैर क़ानूनी और अत्याचारपूर्ण परिवेष्टन को समाप्त करने के लिए सुरक्षा परिषद को अपनी ज़िम्मेदारियों का आभास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा परिषद की ज़िम्मेदारी है कि वह ग़ज़्ज़ावासियों को स्वतंत्रतापूर्वक और न्यायपूर्वक माहौल में जीने का अवसर उपब्लध करे।
फ़िलिस्तीन के राजदूत ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों को अधिकृत क्षेत्रों और ग़ज़्ज़ा के दौरे का निमंत्रण दिए जाने के बारे में कहा कि हमने बारंबार सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह ग़ज़्ज़ा और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों का दौरा करे ताकि इस क्षेत्र की जनता की समस्या निकट से देख सकें।
रियाज़ मंसूर ने कहा कि इस्राईल के लिए अमरीका का व्यापक समर्थन, ग़ज़्ज़ावासियों के लिए सुरक्षा परिषद की ओर से सहायता उपलब्ध कराने में रुकावट बनी हुई है।
दूसरी ओर सूचना है कि ग़ज़्ज़ा में ईंधन के भंडार ख़त्म होने वाले हैं और यह क्षेत्र किसी भी समय पूर्ण रूप से अंधेरे में डूब सकता है। ग़ज़्ज़ को बिजली उपलब्ध करने वाली संस्था का कहना है कि ईंधन की कमी के कारण शहर में बिजली घर बंद हो गया है जबकि मिस्र की ओर से बिजली पहले ही काटी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि भीषण सर्दी और बिजली की कमी के कारण ग़ज़्ज़ा के लोगों को बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग़ज़्ज़ा के बिजली विभाग के अनुसार बिजली घर के लिए ईंधन सप्लाई का प्रयास किया जा रहा है और आशा है कि अगले कुछ घंटे बाद बिजली बहाल होना शुरु हो जाएगी।
रिपोर्टों के अनुसार ग़ज़्ज़ा को पिछले दो महीने से बिजली की भीषण कमी का सामना है और बारह घंटे में केवल चार घंटे ही बिजली आती है। (AK)