क़तर ने इमारात के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय अदालत का दरवाज़ा खटखटाया
क़तर की सरकार ने घोषणा की है कि उसने मानवाधिकारों के हनन के मामले में संयुक्त अरब इमारात के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुक़द्दमा दायर किया है।
क़तर सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय अदालत में दायर किए गए मुक़द्दमे में यह बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि संयुक्त अरब इमारात ने जो क़दम उठाए हैं उससे क़तर के नागरिकों इसी प्रकार क़तर में रह रहे प्रवासियों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
क़तर का कहना है कि इमारात की सरकार ने क़तरी नागरिकों के ख़िलाफ़ ग़ैर क़ानूनी कार्यवाहियां की है कतरी नागरिकों को इमारात में प्रवेश करने या इमारात से गुज़रने से रोक दिया गया है इसी तरह क़तर में रहने वाले इमाराती प्रवासियों को तत्काल क़तर छोड़ने का आदेश दिया गया है। क़तर की शिकायत है कि इमारात ने क़तर के विमानों और पानी के जहाज़ों के लिए अपने एयरपोर्ट और अपनी बंदरगाहें बंद कर दी हैं।
क़तर का कहना है कि इमारात द्वारा उठा गए यह सारे क़दम नस्ल परस्ती के समान हैं जबकि इमारात उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय न्याय संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब, इमारात, बहरैन और मिस्र ने क़तर पर प्रतिबंध लगा रखा है। चारों देश क़तर से एसी मांगें कर रहे हैं जिन्हें क़तर अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के हनन समझौता है।
दोनों पक्षों के बीच जारी विवाद रूकने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि इसकी जटिलताएं बढ़ती जा रही हैं।