यमन ने इमरान ख़ान के बयान का स्वागत किया,
यमन में सर्वोच्च राजनैतिक परिषद के प्रमुख महदी अलमश्शात ने कहा है कि वर्चस्ववाद का ज़माना बीत चुका है और उस दौर को पुनः लौटाने की हर कोशिश नाकाम रहेगी।
महदी अलमश्शात ने यमन पर हमला करने वाले देशों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको याद रखना चाहिए कि विस्तारवाद का ज़माना बीत चुका है। अलमश्शात ने कहा कि यमन की 26 सितम्बर की क्रान्ति की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर भाषण देते हुए कहा कि शत्रु यमन को ललचाई नज़र से देख रहा है, यदि यह सिलसिला जारी रहता है तो हमारा नैतिक दायित्व है कि एसे उपाय करें कि परिस्थितियों का ख़मियाज़ा दुशमन को भुगतना पड़े।
मश्शात ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के इस बयान का स्वागत किया कि उनका देश यमन में शांति की स्थापना में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत के प्रयासों का समर्थन किया जाएगा।
मश्शात ने यमन की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हम आशा करते हैं कि देश की जनता आर्थिक युद्ध का दृढ़ता से मुक़ाबला करेगी।