अमेरिका और सऊदी अरब की मिली भगत का नया खुलासा
यमन सहित विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवादी गुटों को हथियारों से लैस करने के संबंध में अमेरिका और सऊदी अरब के मध्य होने वाली सहकारिता अभूतपूर्व है।
अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका ने जो हथियार यमन पर हमला करने वाले सऊदी गठबंधन को दिया है उसने इन हथियारों को आतंकवादी गुट अलकायेदा को भी दे दिया है।
अमेरिका ने सऊदी अरब के व्यापक समर्थन के बावजूद उसकी अगुवाई वाले युद्धक विमानों के लिए ईंधन की भी आपूर्ति की है। साथ ही अमेरिका सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन को यमन युद्ध के खिलाफ जानकारियां भी प्रदान करता है।
सऊदी अरब ने यमन के खिलाफ जो युद्ध आरंभ कर रखा है अमेरिका को उसका औचित्य दर्शाने वाला समझा जाता है और अमेरिका ने कई सौ अरब डालर के हथियारों का सौदा भी सऊदी अरब से कर रखा है।
बहुत से जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका को चूंकि अपना हथियार बेचना था इसलिए उसने सऊदी अरब के पाश्विक हमलों का समर्थन किया और हर प्रकार से उसकी मदद कर रहा है।
यमन सहित विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवादी गुटों को हथियारों से लैस करने के संबंध में अमेरिका और सऊदी अरब के मध्य होने वाली सहकारिता अभूतपूर्व है।
लगभग दो वर्ष पहले यमनी सूत्रों ने घोषणा की थी कि सऊदी अरब ने आतंकवादी गुट दाइश के सशस्त्र 400 तत्वों को छोटी नौकाओं के माध्यम से सीरिया से यमन की अदन बंदरगाह में पहुंचाया था ताकि इन तत्वों का प्रयोग यमन के खिलाफ युद्ध में किया जा सके। साथ ही अमेरिका के चार मालवाहक विमान अदन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे जिसमें भारी मात्रा में हथियार और सैनिक संसाधन थे।
दूसरे शब्दों में सऊदी अरब ने आतंकवादी तत्वों को सीरिया से यमन पहुंचाया है और अमेरिका ने आतंकवादी तत्वों को हथियारों से लैस किया है और इस विषय ने पहले से अधिक यह दर्शा दिया है कि आतंकवादियों को अमेरिका और सऊदी अरब का व्यापक समर्थन प्राप्त है।
रोचक बात यह है कि अमेरिका दाइश और अलकायेदा जैसे आतंकवादी गुटों से मुकाबले का दावा करता है और इस बहाने से वह बारमबार यमन की संप्रभुता का उल्लंघन करता है।
जानकार हल्कों का मानना है कि अलकायदा, तालेबान और दाइश जैसे आतंकवादी गुट सऊदी अरब की धर्मभ्रष्ट वहाबी विचार धारा की उपज हैं और सऊदी अरब उनका मुख्य पोषक और विश्व के विभिन्न देशों व क्षेत्रों में उन्हें भेजता है।
बहरहाल विभिन्न रिपोर्टें इस बात की सूचक हैं कि हिंसा, अतिवाद और विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अशांति व असुरक्षा में वृद्धि अमेरिकी समर्थन प्राप्त सऊदी अरब की वहाबी सोच का परिणाम है। MM