मौत का शहज़ादा, जिससे अपने भी डरते हैं और विरोधी भी
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ऐसा महसूस होता है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की ख़ौफ़नाक हत्या के अपराध की सज़ा से बचने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा असीमित समर्थन, उनके लिए हरी झंडी है ताकि वह देश के भीतर और बाहर जो दिल में आए आराम से कर सकें।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Aug ११, २०२० १५:२२ Asia/Kolkata
  • मौत का शहज़ादा, जिससे अपने भी डरते हैं और विरोधी भी

ऐसा महसूस होता है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की ख़ौफ़नाक हत्या के अपराध की सज़ा से बचने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा असीमित समर्थन, उनके लिए हरी झंडी है ताकि वह देश के भीतर और बाहर जो दिल में आए आराम से कर सकें।

इस्तांबोल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या और उनके शरीर के टुकड़े टुकड़े करने तथा जलाने की घटना के कुछ ही दिन बाद जिसने ट्रम्प के अलावा पूरी दुनिया की अंतर्रात्मा को झकझोर के रख दिया था, सऊदी अरब के बिगड़े शहज़ादे ने बद्र अलअसाकिर के नेतृत्व में सऊद अलक़हतानी, अहमद अलअसीरी और अपने दो सलाहकारों पर आधारित एक टीम कनाडा में देश के पूर्व ख़ुफ़िया अधिकारी साद अलजबरी की हत्या के लिए रवाना की ताकि अलजबरी को भी ख़ाशुक़्जी की हत्या रास्ते से हटा दें।

ध्यान योग्य बात यह है कि साद अलजबरी की हत्या की निगरानी के लिए जो टीम भेजी गयी थी यह वही टीम थी जो जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के लिए भेजी गयी थी। एक अन्य बिन्दु यह है कि साद अलजबरी, ख़ाशुक़्जी से पहले ही ब्लैक लिस्ट में थे। बिन सलमान ने 2017 में भी उनकी हत्या के लिए अमरीका के बोस्टन के लिए एक टीम भेजी थी लेकिन ख़ुश क़िस्मती से वह बच गये थे।

यूरोप, अमरीका और पूरी दुनिया में अपने विरोधियों को घेरने और उनकी हत्या के लिए जासूसी का जाल फैलाने के बिन सलमान के प्रयास ने अमरीका के निकटवर्ती घटक बिन सलमान के प्रति दुनिया के ग़ुस्से को भड़का दिया है।

वाशिंग्टन पोस्ट ने “ मौत का शहज़ादा” शीर्षक के अंतर्गत एक लेख में लिखा कि ख़ाशुक़्जी ही हत्या, अपराध, धोखा, अपराध से बचना है। इस्तांबोल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में बिन सलमान के निकटवर्ती द्वारा मारे गये जमाल ख़ाशुक़्जी का पार्थिव शरीर नहीं मिला, इससे यह स्पष्ट होता था कि नया अध्याय सामने आने वाला है। इसने यह भी साफ़ संदेश दे दिया कि दुनिया को जान लेना चाहिए कि सऊदी अरब एक अपराधी के हाथों में है।

वाशिंग्टन समाचार पत्र लिखता है कि साद अलजबरी के दावे के सही साबित होने की स्थिति में जो उन्होंने वाशिंग्टन में मुहम्मद बिन सलमान के ख़िलाफ़ शिकायत की है, इस बात की पुष्टि होती है कि सऊदी अरब का संचालन वह शहज़ादा कर रहा है जिसके ज़िम्मे डेथ स्क्वाड है और अभी तक उससे कोई पूछताछ नहीं हुई है।

अलजबरी इससे पहले सऊदी अरब के पूर्व क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन नाएफ़ के सलाहकार थे और सऊदी नरेश द्वारा बिन नाएफ़ को हटाए जाने के बाद अलजबरी देश से फ़रार हो गये थे तब से लेकर अब तक वह बिन सलमान के डेथ स्क्वाड के भय से इधर उधर भागे फिर रहे हैं। उनके पास आले सऊद परिवार के ख़तरनाक राज़ हैं और बिन सलमान इसी चीज़ से डरे हुए हैं। (AK)

 

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