गेंद ईरानी पाले में है किन्तु अधिक समय तक नहीं" अमेरिका
https://parstoday.ir/hi/news/world-i104296-गेंद_ईरानी_पाले_में_है_किन्तु_अधिक_समय_तक_नहीं_अमेरिका
अमेरिका के विदेशमंत्री ने एंटनी ब्लिंकन ने इस ओर कोई संकेत नहीं किया कि उनका देश परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप से निकल चुका है और उसने परमाणु समझौते में अपने किसी वचन का पालन नहीं किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०१, २०२१ ०८:१९ Asia/Kolkata
  •  गेंद ईरानी पाले में है किन्तु अधिक समय तक नहीं

अमेरिका के विदेशमंत्री ने एंटनी ब्लिंकन ने इस ओर कोई संकेत नहीं किया कि उनका देश परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप से निकल चुका है और उसने परमाणु समझौते में अपने किसी वचन का पालन नहीं किया है।

समाचार एजेन्सी फ्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विदेशमंत्री ने कहा कि यथावत गेंद ईरानी पाले में है किन्तु अधिक समय के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समय सीमित है और यह समय खत्म हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन परमाणु समझौते में वापस आना चाहते हैं। एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि बाइडेन सरकार पिछले कुछ महीनों के दौरान वियना वार्ता में अपनी सदिच्छा को बहुत अधिक दर्शा चुकी है।

ज्ञात रहे कि अमेरिकी सरकार मई 2018 में एक पक्षीय रूप से परमाणु समझौते से निकल गयी थी और उसके बाद उसने तेहरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति अपनी और ईरान के खिलाफ नये प्रतिबंधों को भी लगा दिया। अमेरिका के परमाणु समझौते से निकल जाने के बाद इस्लामी गणतंत्र ईरान एक वर्ष तक परमाणु समझौते में अपने वचनों का पूरी तरह पालन करता रहा परंतु जब अमेरिका के अलावा तीन यूरोपीय देशों ने भी अपने वचनों पर अमल नहीं किया तो ईरान ने अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं को चरणबद्ध तरीके से कम दिया।

हालांकि ईरान ने जो अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं पर अमल को किया है वह भी परमाणु समझौते के अनुसार है। इस समझौते में इस बात का प्रावधान है कि अगर कोई पक्ष परमाणु समझौते में अपने वचनों पर अमल नहीं कर रहा है तो दूसरे पक्ष को भी इस प्रकार का अधिकार है। रोचक बात यह है कि ईरान अब भी परमाणु समझौते पर अमल कर रहा है अंतर केवल इतना है कि अब उसने अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं को कम कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि बाइडेन सरकार के अधिकारियों ने बारमबार स्वीकार किया है कि ईरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति विफल हो चुकी है इसके बावजूद बाइडेन सरकार ने अब तक कोई ऐसा क़दम नहीं उठाया है जिससे पता चले कि वह परमाणु समझौत में वापसी के प्रति वह गंभीर है। MM

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए