अमेरिका ने आग में डाला घी, पर कैसे?
अमेरिका ने यूनान में अपने लड़ाकू विमानों को तैनात करके आग में घी डालने का काम किया है।
समाचार एजेन्सी फार्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की वायु सेना ने यूनान में ऐसे समय में अपने लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया है जब यूनान और तुर्की के संबंध तनावग्रस्त हैं।
समाचार एजेन्सी फार्स की रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के साथ अमेरिका की वायु सेना के F-15 युद्धक विमान गुरूवार को यूनान के लारिसा नगर की हवाई छावनी में उतरे ताकि अमेरिका यूनान के साथ मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास कर सके।
अमेरिका का कहना है कि इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भूमध्य सागर और बालकान के क्षेत्र में शांति व सुरक्षा स्थापित करने में मदद करना है। डिफ़ेन्स वर्ल्ड नेट साइस के अनुसार यह सैन्य अभ्यास ऐसी स्थिति में हो रहा है जब रक्षा के क्षेत्र में यूनान और फ्रांस के मध्य होने वाले समझौते पर तुर्की ने चिंता जताई है।
यूनान की सेना ने एक विज्ञप्ति में एलान किया है कि इस सैन्य अभ्यास में ज़मीन, हवा और समुद्र में निर्धारित प्रतिकात्मक लक्ष्यों को भेदने का अभ्यास किया जायेगा।
ज्ञात रहे कि इस समय पूर्वी भूमध्य सागर यूनान और तुर्की के मध्य तनाव के केन्द्र में परिवर्तित हो गया है। सितंबर महीने में यूनान की वायु सेना ने एलान किया था कि वह फ्रांस से लगभग 30 राफेल युद्धक विमानों को खरीदना चाहती है।
उल्लेखनीय है कि रक्षा के क्षेत्र में यूनान और फ्रांस के मध्य जो समझौता हुआ है तुर्की ने उसे क्षेत्र की शांति व सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया है। साथ ही यूनान और अमेरिका के मध्य सैन्य सहयोग से तुर्की की चिंता में वृद्धि हो गयी है।
अभी हाल ही में यूनान की एक पत्रिका ने तुर्की और यूनान के मध्य जारी तनाव और हथियारों की होड़ की ओर संकेत करते हुए लिखा था कि ईजियन सागर में किसी भी समय कोई समुद्री घटना घट सकती है।
ज्ञात रहे कि ईजियन सागर भूमध्य सागर की एक भुजा है और इसके पूरब में तुर्की और पश्चिम में यूनान है और काला सागर से यह जुड़ा हुआ है। MM
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