ब्रिटेन में इस्लामोफ़ोबिया और नफ़रत का बाज़ार गर्म है (वीडियो रिपोर्ट)
ब्रिटेन में एक ताज़ा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कोरोना महामारी की शुरूआत से अब तक दो साल से भी कम समय में इस देश में 1,24,000 नफ़रत पर आधारित अपराध हुए हैं।
ब्रिटेन में 70 फ़ीसद से ज़्यादा नफ़रत वाले अपराध जातीय भेदभाव पर आधारित हैं। ब्रिटेन में इस्लामोफ़ोबिया को जातीय भेदभाव वाले अपराध के रूप में परिभाषित किया गया है। लेकिन पेंडमिक के दौरान इन अपराधों में 9 फ़ीसद का इज़ाफ़ा क्यों हुआ है? ...
गार्डियन के मुताबिक़, पेंडमिक लॉकडाउन और घरों में बंद रहने की वजह से लोगों ने अपना ज़्यादा वक़्त साइबर स्पेस और सोशल साइट्स पर गुज़ारा, जिसके परिणाम स्वरूप अफ़वाहों का बाज़ार गर्म रहा और नफ़रत वाले और हिंसक संदेशों का जमकर आदान-प्रदान हुआ। ...
ब्रिटेन में इस्लामी मानवाधिकार कमीशन के प्रमुख का कहना है कि यह रवैया ख़ुद ब ख़ुद पैदा नहीं होता है, ... दुनिया भर में और पश्चिमी जगत में लोग किसका अनुसरण करते हैं, राजनेता, बड़े अख़बार और इंटरनेट पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाई जा रही है और इस्लामोफ़ोबिया का प्रचार किया जा रहा है।
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डेविड मिलर ने हाल ही में कहा है कि दुनिया भर में इस्लामोफ़ोबिया के पांच मूल कारणों में से एक ज़ायोनीवाद है। फ़िलिस्तीन का समर्थन करने के लिए इस हस्ती को यूनिवर्सिटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। मुजतबा क़ासिमज़ादे आईआरआईबी, लंदन