तालिबान की विश्व समुदाय से अपील
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के हालिया एक क़दम का स्वागत करते हुए कहा है कि विश्व समुदाय को अफ़ग़ानिस्तान के नए शासन के साथ संबंधो के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए।
तालिबान सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल क़हार बल्ख़ी ने रूसी राष्ट्रपति द्वारा तालिबान नेताओं के नामों को ब्लैक लिस्ट से निकाले जाने का स्वागत करते हुए कहाः दूसरे देशों को भी रूस का अनुसरण करना चाहिए और तालिबान शासन के साथ संबंध स्थापित करना चाहिए।
बल्ख़ी का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान में अब वर्षों से जारी युद्ध समाप्त हो चुका है, इसलिए देश और क्षेत्र में शांति की स्थापना में तालिबान सरकार की मदद के लिए विश्व समुदाय को आगे आना चाहिए और देश में सत्ता परिवर्तन को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान सरकार दुनिया के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहती है।
विश्व समुदाय के साथ अच्छे संबंधो की अपील से ऐसा लगता है कि तालिबान ने विश्व समुदाय के महत्व को समझ लिया है। अतीत के विपरीत उनकी यह समझ में आ गया है कि सरकार चलाने और जनता का नेतृत्व करने के लिए वह दुनिया से कटकर नहीं रह सकते।
दर असल तालिबान के सामने काबुल की सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद, सबसे बड़ी समस्या विश्व समुदाय द्वारा उनकी सरकार को मान्यता देने का मुद्दा है। अभी तक किसी भी देश ने तालिबान की सरकार को मान्यता नहीं दी है, वहीं अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान को दी जाने वाली सहायता बंद करने के साथ ही अपनी बैंकों में मौजूद इस देश की संपत्ति को सीज़ कर दिया है।
तालिबान से विश्व समुदाय की मुख्य मांगों में एक ऐसी राष्ट्रीय सरकार का गठन है, जिसमें देश के हर वर्ग और समुदाय का नेतृत्व हो। इसके अलावा, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों सम्मान भी मुख्य मांगों में से एक है।
इन परिस्थितियों के कारण ही, ऐसा लगता है कि तालिबान अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के बावजूद, विश्व समुदाय के साथ संबंधों को लेकर सचेत हो रहे हैं। msm