म्यांमार के युवा, सेना के विरुद्ध संघर्ष में आगे-आगे
सेना के दमन के बाद म्यांमार में लोग विशेषकर युवा अब इस देश की सेना के विरुद्ध इकट्ठे होने लगे हैं।
म्यांमार में हालात ख़राब हो रहे हैं। इस देश के युवा सेना से मुक़ाबला करने के लिए जंगलों में ट्रेनिंग ले रहे हैं।
म्यांमार में फरवरी में सेना द्वारा तख्ता पलट करके सत्ता अपने हाथ में लिये जाने के बाद से इस देश में स्थिति दिन-प्रतिदिन ख़राब होती जा रही है। पिछले दस महीनों के दौरान म्यांमार की सेना के दमनात्मक कार्यवाही का विरोध करने वालों के साथ कड़ाई से निबटा जा रहा है।
वहां के लोगों ने सेना से मुक़ाबला करने के लिए पीडीएफ अर्थात पीपुल्स डिफेंस फोर्स का गठन किया है। पीडीएफ ने म्यांमार की सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष आरंभ किया है।
रिपोर्टों से पता चला है कि म्यांमार के बहुत से युवा अपनी पढ़ाई छोड़कर पीपल्स डिफेंस फोर्स में शामिल हो रहे हैं। यह लोग गुरिल्ला युद्ध सीख रहे हैं। इनके पास पैसे की कमी है लेकिन फिर भी वे कहीं न कहीं से प्रबंध करके सेना के विरुद्ध लड़ने के लिए हथियार इकट्ठे करते हैं।
दूसरी ओर सेना की दमन की कार्यवाही जारी है। हाल ही में म्यांमार की सेना ने इस देश के सगैंग प्रांत में एक गांव के ग्यारह लोगों के हाथों को बांधकर उन्हें जला दिया।
इस घटना की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है। राष्ट्रसंघ ने इसकी कड़ाई से निंदा की है। ज्ञात रहे कि पीडीएफ या पीपल्स डिफेंस फोर्स द्वारा कई बार सेना के काफिलों पर हमला किया जा चुका है।
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