फिलिस्तीन के बारे में हमारी नीति नहीं बदलीः तुर्की
तुर्की के विदेशमंत्री ने एलान किया है कि फ़िलिस्तीन के बारे में अंकारा की नीति में परिवर्तन नहीं आया है।
तुर्की के विदेशमंत्री के अनुसार इस्राईल के साथ संबन्धों के बारे में प्रयास, फ़िलिस्तीनियों के बारे में अंकारा की नीतियों के बदलने के अर्थ में नहीं है।
मौलूद चावूश ओग़लो ने गुरूवार को कहा कि तेलअवीव के साथ निकट के संबन्ध, एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी देश के गठन से अंकारा के आंखें मूंद लेने के अर्थ में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की और इस्राईल के साथ संबन्ध सामान्य होने से फ़िलिस्ती संकट के समाधान में अंकारा को मदद मिल सकती है।
नवंबर में तुर्की के राष्ट्रपति ने इस्राईल के प्रधानमंत्री से टेलिफोन पर बात की थी। उधर इस्राईल के टीवी चैनेल ने तुर्की की ओर से इस्राईल के राष्ट्रपति की अंकारा यात्रा के निमंत्रण की पुष्टि की है। तुर्की ने सन 1949 में ज़ायोनी शासन को मान्यता दे दी थी।
वैस तुर्की आरंभ से अपने हितों के दृष्टिगत फ़िलिस्तीन के मुद्दे को इस्तेमाल करता आया है। वर्तमान समय में जब तुर्की को गंभीर संकट का सामना है तो वह एसे में अपने हितों के हिसाब से इस्राईल की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि तुर्की के अंकारा और इस्तांबोल नगरों के लोग इस्राईल के साथ अपने देश के संबन्धों को सामान्य किये जाने का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने अंकारा में इस्राईल के राजदूत के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। इसके अतिरिक्त तुर्की के बहुत से युवा संगठन भी अपने देश के साथ इस्राईल के संबन्धों के विरोधी हैं।
ज्ञात रहे कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने बताया है कि इस्राईल के राष्ट्रपति मार्च में तुर्की के दौरे पर आ रहे हैं।
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए