यूक्रेन के राष्ट्रपति किस बात को लेकर नैटो से ख़फ़ा हैं?
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जर्मनी के म्यूनिख शहर में तीन दिवसीय सुरक्षा सम्मेलन जारी है जहां यूक्रेन संकट के बीच दुनिया के दर्जनों नेता इकठ्ठा हुए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २०, २०२२ ११:२७ Asia/Kolkata

जर्मनी के म्यूनिख शहर में तीन दिवसीय सुरक्षा सम्मेलन जारी है जहां यूक्रेन संकट के बीच दुनिया के दर्जनों नेता इकठ्ठा हुए हैं।

सम्मेलन में सबका ध्यान रूस के आगामी  क़दमों पर ही केंद्रित रहने की संभावना है। सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि रूस की मांगें शीत युद्ध की याद दिला रही हैं और इन्हें दोहरा कर रूस यूरोप की सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहा है। इस बीच म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में दिए गए अपने भाषण में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने नैटो पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नाटो में सदस्यता के लिए बहुत अधिक यूक्रेन को अधर में लटका रखा गया है।

ज़ेलेंस्की ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि हमे नहीं मालूम कि क्यों अभी तक यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर नाटो यूक्रेन को अपना सदस्य नहीं बनाना चाहता है तो इस संबंध में वह स्पष्ट और सच बोले। ज़ेलेंस्की ने कहा कि ओपन डोर पॉलिसी अच्छी है, लेकिन हमें स्पष्ट उत्तर चाहिए,उसने वर्षों से हमें बिना उत्तर के छोड़ रखा है।

ज़ेलेंस्की का बयान नाटो और अमेरिका के वास्तविक चेहरे को उजागर करता है और आज यूक्रेन में जारी संकट के षड्यंत्रकारियों के चेहरे से भी नक़ाब उठाता है। ग़ौरतलब है कि म्यूनिख सम्मेलन ऐसे समय पर हो रहा है जब पश्चिम में इस बात को लेकर डर बढ़ता जा रहा है कि रूस यूक्रेन पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। इस वजह से पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव इतना बढ़ गया है जितना शीत युद्ध के बाद आज तक नहीं देखा गया था।

इस बीच रूस ने अभी तक हमले की किसी भी योजना से इंकार किया है और यह भी कहा कि उसने सैनिकों को सीमा पर से हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों ने कहा है कि उन्होंने रूसी सैनिकों के पीछे हटने का कोई सबूत नहीं देखा है। इसके साथ की पुतीन ने स्पष्ट कहा है कि हर तरह के ख़तरे को हटाने की क़ीमत यूक्रेन को कभी भी नाटो में न शामिल होने का वादा है। इसके अलावा पश्चिमी गठबंधन को पूर्वी यूरोप के कई इलाकों से अपनी सेनाओं को भी हटाना होगा। (MM)

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