पश्चिम के दबाव में हैं गुटेरसः लावरोफ
रूस के विदेशमंत्री ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव पश्चिम के दबाव में हैं।
सरगेई लावरोफ ने कहा है कि राष्ट्रसंघ के महासचिव, पश्चिम के दबाव में काम कर रहे हैं। रूसी विदेशमंत्री ने बुधवार को राष्ट्रसंघ के महासचिव गुटेरस के क्रियाकलापों की आलोचना करते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि वे पश्चिम के दबाव में काम कर रहे हैं।
उनका कहना था कि पूर्वी यूक्रेन के घटनाक्रम के संबन्ध में गुटेरस के हालिया बयानों और उनके पद की गरिमा में विरोधाभास पाया जाता है। उन्होंने कहा कि गुटेरस ने कभी भी मिन्सक समझौते के समर्थन के बारे में कोई बात नहीं कही।
रूस द्वारा दोनतेस्क और लोहांस्क गणराज्यों को मान्यता देने पर राष्ट्रसंघ के महासचिव ने इसकी आलोचना करते हुए इसे यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
इसी बीच यूक्रेन के विपक्ष ने इस देश के राष्ट्रपति से त्यागपत्र की मांग की है। यूक्रेन के विपक्ष का आरोप है कि देश के विदेशी सहयोगियों और समर्थकों और नागरिकों की मांगों के बावजूद सरकार ने मिन्सक समझौते को लागू कराने के लिए पिछले ढाई वर्षों में एक क़दम भी नहीं उठाया।
याद रहे कि यूक्रेन, सन 2014 से सरकार विरोधियों की झड़पों का केन्द्र बना हुआ है। पूर्वी क्षेत्र में लोहान्सक और दोन्तेस्क क्षेत्रों में लोगों ने सितंबर 2014 को मिन्सक संघर्ष विराम के समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।
इसके बाद फरवरी 2014 में यूक्रेन, रूस, फ्रांस और जर्मनी पर आधारित नारमेंडी गुट ने मिन्सक-2 नामक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। हालांकि संघर्षरत पक्षों द्वारा इस समझौते का भी कई बार हनन हो चुका है।
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