ताइवान यूक्रेन नहीं है, ब्रिटिश प्रधानमंत्री को चीन का मुंहतोड़ जवाब
चीन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ताइवान को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ताइवान यूक्रेन नहीं है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, बीजिंग का कहना है कि दुनिया में केवल एक ही चीन है और ताइवान चीनी क्षेत्र का अभिन्न अंग है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय एकल चीन के सिद्धांत को मान्यता देता है और चीन एवं यूरोपीय संघ के संबंधों का आधार इसी सिद्धांत पर आधारित है। यद्यपि अमेरिका ने कई साल पहले एकल चीन के सिद्धांत पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसके बावजूद ताइवान द्वीप पर उसकी बुरी नज़र है और वह बीजिंग पर दबाव बनाने के लिए इसे हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। रोएटर्ज़ ने घोषणा की है कि बीजिंग की यह प्रतिक्रिया ऐसी स्थिति में सामने आई है कि जब ताइवान की चीफ ऑफ स्टाफ त्साई यिंग-वेन ने सैन्य गतिविधियों के संबंध में द्वीप पर सतर्कता बढ़ाने का आह्वान किया है। वहीं कुछ दिनों पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चेतावनी दी थी कि अगर पश्चिमी राष्ट्र यूक्रेन की स्वतंत्रता का समर्थन करने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे तो दुनिया भर में हानिकारक परिणाम होंगे।
जॉनसन ने म्यूनिख में आयोजित हुए सुरक्षा सम्मेलन में कहा था कि हम पूरी तरह से नहीं जानते कि रूस के राष्ट्रपति पुतीन का क्या इरादा है, लेकिन संकेत गंभीर हैं। उन्होंने कहा था कि अगर यूक्रेन संकट में है, तो यह झटका दुनिया भर में गूंजेगा और उस गूंज को पूर्वी एशिया में भी सुना जाएगा, ताइवान में सुना जाएगा। लोग यह निष्कर्ष निकालेंगे कि आक्रामकता भुगतान करती है, और यह सही हो सकता है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यूक्रेन संकट और ताइवान मुद्दे के बीच किसी भी तरह के संबंध को नकारते हुए कहा कि ताइवान यूक्रेन नहीं है और यह द्वीप चीन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि चीन की अखंडता से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए था और न ही कभी समझौता किया जाएगा। (RZ)
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