रूस के इस शैतान ने नेटो की नींद उड़ायी
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रूस एक बहुत ही ख़तरनाक परमाणु मीज़ाईल टेस्ट की तय्यारी कर रहा है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इतना ख़तरनाक है कि एक पूरे देश का कुछ सेकेन्ड में सर्वनाश कर सकता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May ११, २०१६ ०८:५६ Asia/Kolkata
  • इस फ़ाइल फ़ोटो में रूस का आर-36एम (एसएस-18 शैतान) लांच होते दिखाई दे रहा है।
    इस फ़ाइल फ़ोटो में रूस का आर-36एम (एसएस-18 शैतान) लांच होते दिखाई दे रहा है।

रूस एक बहुत ही ख़तरनाक परमाणु मीज़ाईल टेस्ट की तय्यारी कर रहा है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इतना ख़तरनाक है कि एक पूरे देश का कुछ सेकेन्ड में सर्वनाश कर सकता है।

रूसी टीवी चैपन ज़्वेज़दा की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, मीज़ाईल आरएस-28 सर्मट कि जिसका नाम नेटो के सैन्य विशेषज्ञों ने ‘शैतान’ रखा है, पूर्व सोवियत संघ के मीज़ाईल आर-36एम का स्थान लेगा। यह अंतरमहाद्विपीय बलिस्टिक मीज़ाईल लगभग 100 टन भारी है। इसे रॉकेट के ज़रिए प्रक्षेपित होने वाला सबसे बड़ा परमाणु हथियार माना जा रहा है। यह मीज़ाईल अपने ख़ोल में एक दर्जन परमाणु वारहेड्स ले जा सकता है।  

ज़्वेज़दा टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, “सर्मट मीज़ाईल की मारक क्षमता लगभग 10000 किलोमीटर है और यह ज़मीन पर फ़्रांस या टेक्सस राज्य जितने बड़े भूभाग को पूरी तरह तबाह कर सकता है।”

परमाणु बम के धमाके के कुछ सेकन्ड बाद मशरूम के रूप में धुंआ उठने का दृष्य (फ़ाइल फ़ोटो)

इस चैनल की रिपोर्ट में आगे आया है, “सर्मट मीज़ाईल न सिर्फ़ यह कि आई-36एम का स्थान लेगा बल्कि कुछ हद तक यह दुनिया में परमाणु निवारक क्षमता की दिशा भी तय करेगा।”

ज़्वेज़दा टीवी चैनल के अनुसार, सर्मट मीज़ाईल में स्टेल्थ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हुआ है जिससे यह मीज़ाईल रडार तंत्र की पकड़ में आए बिना फ़ायर हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस के सबसे बड़े मीज़ाईल टेस्ट प्रतिष्ठान प्लेसेट्स कॉस्मोड्राम से इस साल गर्मी के मौसम में इस मीज़ाईल को टेस्ट करने की योजना है।

2009 से इस मीज़ाईल के विकास पर काम चल रहा था और इसे 2020 में रूसी सेना के हवाले किया जाएगा।(MAQ/N)