क्या पाकिस्तान में राजनीतिक हालात नया मोड़ ले सकते हैं?
https://parstoday.ir/hi/news/world-i111610-क्या_पाकिस्तान_में_राजनीतिक_हालात_नया_मोड़_ले_सकते_हैं
सत्ता से हटाए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान ख़ान के समर्थक देश में भर में उनके समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १४, २०२२ ०६:५३ Asia/Kolkata
  • क्या पाकिस्तान में राजनीतिक हालात नया मोड़ ले सकते हैं?

सत्ता से हटाए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान ख़ान के समर्थक देश में भर में उनके समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद समेत देश भर में इमरान ख़ान के लाखों समर्थक सड़कों पर हैं और वे अपने नेता के समर्थन और अमरीका के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कर रहे हैं।

इस बीच, इमरान ख़ान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीके इंसाफ़ के नेताओं और सांसदों के साथ एक बैठक में दोहराया है कि उनके सांसद किसी भी क़ीमत पर मौजूदा संसद में भाग नहीं लेंगे। उनका कहना था कि उनकी पार्टी के नेता उन लोगों के साथ नहीं बैठेंगे, जिन्होंने देश के साथ ग़द्दारी की है और विदेशी ताक़तों के बल पर सत्ता पर क़ब्ज़ा किया है।

इमरान ख़ान का दावा है कि अमरीका और कुछ श्रेत्रीय देशों ने विपक्ष के साथ मिलकर उनकी सरकार के ख़िलाफ़ साज़िश रची थी। उन्होंने देश के नए प्रधान मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी मिलीभगत इस साज़िश में है और शहबाज़ शरीफ़ अमरीका की ग़ुलामी के लिए तैयार हैं।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री ने पूरे देश से ख़ासकर युवाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सड़कों पर उतरने की अपील की थी।

उनका कहना है कि विपक्ष ने देश के साथ ग़द्दारी की है, इसलिए पूरे पाकिस्तान को सड़कों पर निकलकर इनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना चाहिए।

ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते विपक्षी सासंदों ने एकजुट होकर इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया, जिसके बाद पाकिस्तान की कमान शहबाज़ शरीफ़ को मिल गई है। शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख हैं।

2018 के आम चुनाव में पाकिस्तान तहरीक़े इंसाफ़ (पीटीआई) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और इमरान ख़ान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे।

इमरान ख़ान के समर्थन में उनके समर्थकों के प्रदर्शन से देश में मौजूदा राजनीतिक स्थिति के परिवर्तन की संभावना कम ही लगती है, क्योंकि ख़ान को सत्ता से हटाने के लिए क़ानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया गया है। हां उनके समर्थकों को एक आशा यह है कि विरोध प्रदर्शनों और तहरीके इंसाफ़ के सांसदों के इस्तीफ़े से मौजूदा सरकार दबाव में आ जाएगी और देश में मध्यावधि चुनावों का एलान कर दिया जाएगा और इससे इमरान ख़ान को लाभ मिलेगा। msm

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए