जूलियन असांज को अमरीका के हवाले करने पर लंदन में हंगामा
मानवाधिकार संगठनों के भारी विरोध के बावजूद लंदन ब्रिटेन की अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक पत्रकार जूलियन असांज को अमरीका के हवाले किए जाने पर ज़ोर दिया है।
जूलियन असांज द्वार बनाई गई वेबसाइट विकीलीक्स ने एसे हज़ारों दस्तावेज़ पेश कर दिए जिनसे यह साबित होता है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने सैकड़ों आम नागरिकों की ड्रोन हमलों में हत्या कर दी जिनकी कहीं कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। इराक़ युद्ध में भी सैकड़ों आम नागरिक मारे गए और क़ैदियों को यातनाएं दी गईं।....इसीलिए अमरीका ने असांज पर सामरिक रहस्यों को फ़ाश करने का आरोप लगाया और ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। मगर शांति कार्यकर्ताओं की अलग सोच है।.....एक कार्यकर्ता ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि असांज जल्द रिहा कर दिए जाएंगे। उनका एक ही दोष है पत्रकारिता। हम इसका समर्थन करते हैं। असांज पर मुक़द्दमा डेमोक्रेसी पर हमला है। असांज पत्रकार हैं और पत्रकारिता अपराध नहीं है। ब्रिटेन की अदालत कुछ महीने पहले असांज का प्रत्यर्पण रुकवाने संबंधी याचिका ख़ारिज कर दी थी। अब अदालत के इस फ़ैसले के बाद असांज के प्रत्यर्पण के मुद्दे को ब्रिटेन की गृह मंत्री के हवाले कर दिया गया है कि वे इस बारे में फ़ैसला करें। असांज के समर्थक इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हैं।....जेरेमी कोर्बिन ने कहा कि हम अदालत से चाहते हैं कि वह असांज को आज़ाद करे। ताकि वह अपना पेशा यानी पत्रकारिता जारी रखें और जनता को दुनिया की घटनाओं से अवगत कराते रहें। हम जंग और हिंसा से तंग आ चुके हैं और इंसानों के क़त्ल से बहुत आहत हैं। हम चाहते हैं कि असांज आज़ाद हों ताकि उनकी रिपोर्टों की मदद से यूक्रेन में भी युद्ध विराम की भूमि समतल हो। यमन का संघर्ष विराम स्थायी शांति में बदल जाए और दुनिया की सारी जंगें ख़त्म हो जाएं।
अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ की जंगों से जुड़े लाखों ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों का पर्दाफ़ाश करने के मामले में असांज अमरीका में वांटेड हैं।
लंदन से आईआरआईबी के लिए मुजतबा क़ासिमज़ादे की रिपोर्ट।
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