तालिबान की भारत से अपील
तालिबान के विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी ने भारत से काबुल में अपना दूतावास फिर से खोलने का आह्वान करते हुए कहा है कि काबुल और नई दिल्ली के बीच संबंधों में सुधार हो रहा है।
ग़ौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद भीरत ने भी अन्य देशों की तरह अफ़ग़ानिस्तान में अपना दूतावास बंद कर दिया था। इसके अलावा, नई दिल्ली ने मज़ारे शरीफ़, क़ंदहार, हेरात और जलालाबाद स्थित अपने कांसुलेटों को बंद कर दिया था।
अफ़ग़ानिस्तान और भारत के बीच प्राचीन ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं, 1990 के दशक में तालिबान के काबुल पर क़ब्ज़े के बाद इन रिश्तों में खटास आ गई थी।
सन् 2001 में तालिबान शासन के पतन के बाद से भारत ने बड़े पैमाने पर अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और युद्ध ग्रस्त देश की अरबों डॉलर की सहयाती की थी।
अफ़ग़ान न्यूज़ एजेंसी आवा की रिपोर्ट के मुताबिक़, तालिबान के विदेश मंत्री मुत्तक़ी ने एक भारतीय मीडिया आउटलेट के साथ बातचीत में कहाः दोनों देशों के बीच संबंध बहाल हो रहे हैं और हम आशा करते हैं कि भारत काबुल में फिर से अपना दूतावास खोलेगा।
इससे पहले तालिबान शासन के एक सीनियर अधिकारी अनस हक्क़ानी ने भी भारत से काबुल में अपना दूतावास खोलने का आहवान किया था।
तालिबान के विदेश मंत्री ने भारतीय राजनयिकों को पूर्ण रूप से सुरक्षा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है और कहा है कि तालिबान शासन अपने देश की भूमि को किसी अन्य देश के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। msm
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