उत्तरी कोरिया के फैसले का असर दिखा दक्षिणी कोरिया में
उत्तरी कोरिया के नेता द्वारा इस देश को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित करने से दक्षिणी कोरिया में चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
दक्षिणी कोरिया के डेमोक्रैटिक पार्टी ने इसपर चिंता व्यक्त की है कि उत्तरी कोरिया अपनी रक्षा में परमाणु शस्त्रों को प्रयोग कर सकता है।
इस पार्टी के नेता ने, जो वहां के विपक्षी नेता भी हैं, उत्तरी कोरिया के इस फैसले पर अचरज जताया है। ली जाए म्यूंग ने कहा कि इस फैसले से कोरिया प्रायद्वीप के हालात अधिक ख़राब होंगे।
उत्तर कोरिया ने एक नया कानून पारित करके ऐलान किया है कि वह अब एक परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र है। उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक ऐसे क़ानून पर हस्ताक्षर किये हैं जिसके आधार पर अब उत्तरी कोरिया को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में जाना जाएगा। इस प्रकार उत्तरी कोरिया ने परमाणु हथियारों को लेकर चली आ रही अपनी नीति में यह बड़ा बदलाव किया है।
किम जोंग ने यह प्रण किया कि हमारा देश कभी भी अपने परमाणु हथियारों को नहीं छोड़ेगा। उत्तरी कोरिया की संसद और वहां नेता के नए फैसले को दक्षिणी कोरिया के उस प्रस्ताव के उत्तर के रूप में देखा जा रहा है जिसमें पियुंयांग से मांग की गई थी कि परमाणु शस्त्रों को त्यागने के बदले में दक्षिणी कोरिया बहुत बड़े पैमाने पर उत्तरी कोरिया में पूंजी निवेश करेगा।
उत्तरी कोरिया के नेता ने परमाणु निशस्त्रीकरण के बारे में किसी भी प्रकार की वार्ता का इन्कार करते हुए कहा है कि नया क़ानून एसा नहीं है जिसको वापस लिया जाए।
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