ईरान में उपद्रियों के समर्थन में डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी में उपद्रवी तत्वों के समर्थन में कहा कि हम तुम्हारे साथ हैं और रहेंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०९, २०२२ १३:१५ Asia/Kolkata
  • ईरान में उपद्रियों के समर्थन में डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी में उपद्रवी तत्वों के समर्थन में कहा कि हम तुम्हारे साथ हैं और रहेंगे।

समाचार एजेन्सी फार्स की रिपोर्ट के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं ईरान के साथ होने वाले त्रासदीपूर्ण समझौते से निकल गया और मैं जिस तरह से बात कर रहा हूं ईरान के लोग बहादुरी के साथ भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध आपत्ति जता रहे हैं और बहादुरी के साथ हिंसा, यातना यहां तक कि मौत का सामना कर रहे हैं और हम तुम्हारे साथ हैं और हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे।

अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी ईरान में होने वाले हालिया उपद्रवों के समर्थन में तीन अक्तूबर को एक विज्ञप्ति जारी की थी और कहा था कि अमेरिका ईरान के उन अधिकारियों के खिलाफ नये प्रतिबंध लगायेगा जिन्हें वह समझता है कि विद्रोहियों के खिलाफ हिंसा में उनका हाथ है। इससे पहले अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने भी ईरान में नैतिक मूल्यों के संबंध में काम करने वाली पुलिस पर महिलाओं के साथ हिंसक बर्ताव करने का आरोप लगाया था और उसका नाम भी प्रतिबंधों की सूची में करार दे दिया था।

अमेरिका ने अपनी पहले वाली विज्ञप्ति में किसी सुबूत व प्रमाण के बिना ईरान की पुलिस को महसा अमीनी की हत्या का ज़िम्मेदार बताया था। यूरोपीय देश भी आजकल ईरानी लोगों के समर्थन के नाम पर देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और ईरान में उपद्रवियों का समर्थन कर रहे हैं। यही नहीं यूरोपीय देश प्रस्ताव पारित करके ईरान पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास में हैं।

जानकार टीकाकारों का मानना है कि अमेरिका और यूरोपीय देश वियना वार्ता में ईरान के मुकाबले में अच्छी पोजीशन में नहीं हैं और ईरान से विशिष्टता लेने के लिए उनके पास कोई बहाना नहीं है तो वे समझते हैं कि ईरान में उपद्रव और उपद्रवियों का समर्थन करके और तेहरान पर दबाव डालकर शायद कुछ विशिष्टता हासिल कर लें।

रोचक बात यह है कि अमेरिका, पश्चिम और यूरोपीय देशों के कुछ अधिकारी उस स्थिति में ईरानी लोगों के साथ रहने का दावा कर रहे हैं जब अभी कुछ समय पहले कोरोना के अभिशाप से ईरानी मर रहे थे और अमेरिका ने कोरोना से मुकाबले के लिए दवा खरीदने में प्रतिबंधों में ढ़ील तक नहीं दी थी। सवाल यह उठता है कि जो लोग यह कह रहे हैं कि हम तुम्हारे साथ हैं और हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे वे कोरोना के अभिशाप के दौरान कहां थे? MM

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