क्या यूक्रेन डर्टी बम से युद्ध का रुख़ बदल देगा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि रूस, यूक्रेन की डर्टी बम इस्तेमाल करने की योजना से अवगत है।
कई पूर्व सोवियत देशों के ख़ुफ़िया प्रमुखों के साथ एक बैठक में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दुनिया और क्षेत्र में टकराव का जोखिम ज़्यादा था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की ज़रूरत है।
लुहान्स्क क्षेत्र में रूस समर्थित एक अलगाववादी अधिकारी का कहना है कि क्षेत्र के क्रेमिन्ना और स्वातोव इलाक़ों में भारी लड़ाई जारी है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा यूक्रेन की ओर से डर्टी बम के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि रूस, यूक्रेन के ख़िलाफ़ कोई बड़ी कार्यवाही कर सकता है।
दर असल, डर्टी बम ऐसे बम को कहा जाता है, जिसमें पारंपरिक विस्फ़ोटकों के अलावा रेडियोधर्मी पदार्थ भी होते हैं।
इसे रेडियोलॉजिकल डिस्पर्सन डिवाइस कहा जाता है। इसमें यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी पदार्थ होते हैं, जो धमाके के बाद वातावरण में फैल जाते हैं।
इस बम में परमाणु बम की तरह अत्याधिक उन्नत रेडियोधर्मी पदार्थ की ज़रूरत नहीं होती है। इसकी जगह इनमें अस्पतालों, परमाणु संयंत्रों या शोध प्रयोगशालाओं से मिलने वाले रेडियोधर्मी पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
रेडियोधर्मी संक्रमण से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं, ऐसे में इस तरह का बम निशाने पर ली गई आबादी में अफ़रा-तफ़री और डर पैदा कर सकता है।
इसी वजह से डर्टी बम को वेपन ऑफ़ मास डिस्रप्शन या भयानक अफ़रा-तफ़री पैदा करने वाला बम भी कहा जाता है।
अभी तक दुनिया में कहीं भी डर्टी बम का कोई कामयाब हमला नहीं हुआ है।
फ्रांस, ब्रिटेन और अमरीका ने पुतिन की इस आशंका को ख़ारिज करते हुए कहा है कि हम रूस के आरोपों को ख़ारिज करते हैं, क्योंकि यूक्रेन अपनी ही ज़मीन पर डर्टी बम का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। msm