ईरान के साथ संबंधों को मज़बूत बनाना चाहते हैं" रूस
रूसी विदेशमंत्री ने कहा है कि वह ईरान और दोस्त देशों के साथ संबंधों को मज़बूत बनाना चाहते हैं।
विदेशमंत्री सरगेई लावरोफ़ ने कहा कि रूस को अलग- थलग करने हेतु पश्चिमी देशों के प्रयास विफल हो गये। समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार रूसी विदेशमंत्रालय की वेबसाइट पर एक लेख डाला गया है जिसमें लिखा है कि यूरेशिया, एशिया पैसेफिक, मध्यपूर्व, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में शक्ति के केन्द्रों ने स्वयं पर भरोसा करके विभिन्न क्षेत्रों में आश्चर्यजनक परिणाम हासिल कर लिया है।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों व देशों की स्वतंत्र विदेश नीति है जिसकी वजह से वे अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हैं और यह वह चीज़ है जिससे बहुध्रुवीय व्यवस्था बनाने में सहायता मिल रही है। इसी प्रकार रूसी विदेशमंत्री ने इस लेख के एक अन्य भाग में कहा है कि इस समय अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ रूस के जो संबंध हैं वह शीतयुद्ध के काल से भी न्यूतम स्तर के हैं।
इसी प्रकार रूसी विदेशमंत्रालय की वेब साइट में प्रकाशित लेख में लिखा है कि जिस समय यूक्रेन में हमारी सैन्य कार्यवाही आरंभ हुई थी पश्चिम ने रूस के खिलाफ एक व्यापक युद्ध की घोषणा कर दी और इस जंग का लक्ष्य रणक्षेत्र में हमें परास्त करना, रूस की अर्थ व्यवस्था को खराब व नष्ट करना और देश के भीतर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना था।
इसी प्रकार रूसी विदेशमंत्री ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने भरोसेमंद भागीदारों के साथ गैर यूरो और डालर में लेन देन करने के क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं और हम पश्चिम के अधीन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में अमेरिका और यूरोपीय संघ के अलावा बहुत भागीदार हैं। हम बहुध्रुवीय संसार में हैं और रूस को अलग- थलग करने और उसके चारों ओर दीवार खींचने के पश्चिम की योजना पर पानी फिर गया।
रूसी विदेशमंत्री ने कहा कि हम लगातार भारत, ब्राज़ील,ईरान, अरब इमारात, तुर्किये, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और बहुत सारे दूसरे मित्र देशों के साथ संबंधों को मज़बूत बनाने की चेष्टा में है। MM
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