चीन की शक्ति का लोहा अब ब्रिटेन ने भी माना
ब्रिटेन ने माना है कि चीन के साथ संबन्ध विच्छेद करना इस देश के हित मेंं नहीं होगा।
ब्रिटेन के विदेशमंत्री ने चीन को बहुत ही महत्वपूर्ण एवं प्रभावी देश बताया है। जेम्स क्लेवरली ने गार्डियन से बात करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन एक महत्वपूर्ण देश है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ संबन्ध तोड़ने से ब्रिटेन को नुक़सान होगा।
उन्होंने यही भी कहा कि चीन के बारे में मेरे कुछ साथियों के विचार सकारात्मक नहीं हैं। जेम्स क्लेवरली के अनुसार यह उचित नहीं होगा कि चीन से संबन्ध तोड़ लिए जाएं। उनका कहना था कि चीन जिस रास्ते पर चल रहा है उसपर वह आगे बढ़ता रहेगा चाहें हम उसके साथ सहयोग करें या न करें।
याद रहे कि ब्रिटेन की ओर से चीन के बारे में यह दृष्टिकोण एसे में सामने आया है कि जब हालिया कुछ वर्षों के दौरान अमरीका का अनुसरण करने के कारण ब्रिटेन और चीन के संबन्धों में तनाव आ चुका है।
हालांकि विदेश नीति निर्धारण कर्ताओं के साथ बात करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कुछ समय पहले चीन पर यह आरोप लगाया था कि वह अपना वर्चस्व बढाने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन और ब्रिटेन के स्वर्णिम युग का अंत हो चुका है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन के मज़बूत और प्रभावशाली होने पर आधारित इसी देश के विदेशमंत्री का ताज़ा बयान कुछ सोचने पर मजबूर करता है।