जापान में अमरीकी सैनिकों के अपराध की स्वीकारोक्ति
अमरीकी राष्ट्रपति ने जापान में तैनात अमरीकी सैनिकों की अपराधों को स्वीकार किया है।
जापान में अमरीकी सैनिकों के अपराध और नैतिक भ्रष्टाचार जारी रहने से जापान के लोगों में क्रोध और घृणा भड़क उठी है। एक अमरीकी सैनिकों द्वारा ओकिनावा द्वीप में एक जापानी युवती के बलात्कार और उसकी हत्या के बाद जापान के लोगों ने अपने देश से अमरीका को बाहर निकालने और पूरे जापान में अमरीकी छाविनयों को बंद करने की मांग की है। जापानी जनता के क्रोध के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी यात्रा जापान के दौरान असाही शीम्बून नामक समाचारपत्र से बात करते हुए जापान में तैनात अमरीकी सैनिकों के अपराधों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा है कि वे ओकिनावा में तैनात अमरीकी सैनिकों के अपराधों को रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।
पिछले महीने एक अमरीकी सैनिक ने ओकिनावा द्वीप में एक बीस वर्षीय जापानी युवती से बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी जिस पर पूरे जापान में जनता की तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई थी। यह पहली बार नहीं है जब जापान में तैनात अमरीकी सैनिकों ने जापानी महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार किया हो। इस ताज़ा घटना के बाद जापानी जनता ने विरोध प्रदर्शन कर एक बार फिर अपने देश से सभी अमरीकी सैनिकों को निकाल बाहर किए जाने की मांग की है। उसका कहना है कि जब तक अमरीकी सैनिक जापान में रहेंगे तब तक इस प्रकार के अपराध होते रहेंगे। जापान में अमरीका के 124 सैन्य अड्डे हैं। (HN)