जमीनी हकीकत पर विचार करने की जरूरत: रूस
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनका देश यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसमें "जमीनी वास्तविकताओं" और "नाटो की आक्रामक नीति" के कारण उत्पन्न होने वाले कारणों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सर्गेई लावरोव ने कहा कि लगभग 18 महीने पहले वे संघर्ष को सुलझाने के बारे में एक संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए थे और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए गए थे।
अभी हाल ही में रूसी "राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि हमें बातचीत से कोई आपत्ति नहीं है, हालांकि ऐसी किसी भी बातचीत के लिए जमीनी हकीकत पर विचार करने और उन कारणों को ध्यान में रखने की जरूरत है जो नाटो की आक्रामक नीति के कारण दशकों से जमा हो रहे हैं और यूक्रेनी अधिकारी रूसियों को नष्ट करने की धमकी दे रहे हैं।
ज्ञात रहे कि 24 फरवरी वर्ष 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध आरंभ हुआ थे और अब तक इस
युद्ध में दोनों पक्षों की जान माल की भारी तबाही हो चुकी है। MM
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए
हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें