उत्तर कोरिया के नेता रूस पहुंचे, पश्चिमी देशों को ज़बरदस्त टेंशन
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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मुलाकात करेंगे।
(last modified 2023-09-12T03:50:35+00:00 )
Sep १२, २०२३ ०९:२० Asia/Kolkata
  • उत्तर कोरिया के नेता रूस पहुंचे, पश्चिमी देशों को ज़बरदस्त टेंशन

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मुलाकात करेंगे।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन मंगलवार को रूस पहुंच गए। माना जा रहा है कि किम जोंगं ऊन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। किम की यात्रा की खबर आते ही यूक्रेन में जारी युद्ध में रूस के संभावित हथियार सौदे को लेकर पश्चिमी देशों में चिंताएं बढ़ गईं हैं।

उत्तर कोरिया के परमाणु-सक्षम हथियारों और युद्ध सामग्री कारखानों की जिम्मेदारी संभालने वाले टॉप के आर्मी ऑफिसर भी किम के साथ रूस पहुंचे हैं। उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया कि किम देश की राजधानी प्योंगयांग से रविवार को अपनी निजी ट्रेन में सवार हुए और उनके साथ सत्तारूढ़ दल, सरकार और सेना के सदस्य थे।

इससे पहले उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA ने भी यात्रा के बारे में खबर दी थी  जिसमें कहा गया था कि किम जोंग उन की पुतिन से मुलाकात होगी। हालांकि, यह मुलाकात कब और कहां होगी इसकी जानकारी एजेंसी ने नहीं दी है। KCNA ने कहा कि माननीय कॉमरेड किम जोंग उन अपनी यात्रा के दौरान कामरेड पुतिन से मुलाकात और वार्ता करेंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेंगे।

किम जोंग की यात्रा को लेकर पश्चिमी देशों में तनाव है। अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले हफ्ते खुफिया जानकारी जारी की थी कि उत्तर कोरिया और रूस अपने नेताओं के बीच इस महीने एक बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक पूर्वी रूस में स्थित शहर व्लादिवोस्तोक में होगी, जहां पुतिन बुधवार तक चलने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सोमवार को पहुंचे हैं।

साल 2019 में पुतिन ने इसी स्थान पर किम से पहली बार मुलाकात की थी। अमेरिका का कहना है कि पुतिन यूक्रेन की जंग के लिए उत्तर कोरिया से हथियारों की डील कर सकते हैं।

अमेरिका के अधिकारियों का मानना है कि पुतिन यूक्रेन के जवाबी हमलों को शांत करना चाहते हैं और दिखाना चाहते हैं कि वह एक लंबी लड़ाई लड़ सकते हैं। ऐसा होने पर अमेरिका और उसके साझेदारों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा दबाव पड़ सकता है क्योंकि पिछले 17 महीनों में यूक्रेन को भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार देने के बावजूद लड़ाई खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। MM

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