रूस ने किया बड़ा दावा
भीषण जंग के बीच रूस ने पश्चिमी देशों पर बड़ा आरोप लगाया है।
रूस ने कहा कि यूक्रेन ने काला सागर में जो हमला किया था उसमें पश्चिमी देशों का भी हाथ है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार हमले में ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा यूक्रेन को दी गई स्टॉर्म शैडो मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।
रूस ने कहा है कि यूक्रेन के पश्चिमी मित्र देशों ने काला सागर में हमारे नौसैनिक अड्डे पर हमले में सहयोग किया था। रूस ने बुधवार को आरोप लगाया कि देश में मिलाए गए क्रीमिया प्रायद्वीप स्थित काला सागर बेड़े के उसके मुख्यालय पर पिछले सप्ताह मिसाइलों से किए गए हमले की योजना यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों ने बनाई थी। यही नहीं, यूक्रेन को इस हमले को अंजाम देने में सहयोग किया था।
रूस के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमले की योजना पश्चिमी खुफिया एजेंसियों, नाटो के उपग्रहों से ली गई तस्वीरों और टोही विमानों का उपयोग करके पहले से बनाई गई थी और इसे अमेरिकी और ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर और उनके समन्वय में अंजाम दिया गया।
मॉस्को का कहना है कि अमेरिका और उसके नाटो सहयोगी यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करके और उसे खुफिया जानकारी प्रदान करके रूसी प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना में मदद कर रहे हैं और वे प्रभावी ढंग से जंग में शामिल हैं।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने तत्काल रूस के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह बात तब सामने आयी जब एक वीडियो में दिखाया गया कि बेड़े के कमांडर, एडमिरल विक्टर सोकोलोव, यूक्रेन के दावों के विपरीत अब भी जीवित हैं। इससे पहले यूक्रेन ने बिना ठोस सबूत के दावा किया था कि सेवस्तोपोल के बंदरगाह शहर पर शुक्रवार को किए गए हमले में मारे गए 34 अधिकारियों में सोकोलोव भी शामिल थे।
गौरतलब है कि यूक्रेन ने रूस पर जोरदार मिसाइल हमला किया था। इस हमले में 34 सैनिकों की मौत की खबर थी। यूक्रेन की स्पेशल फोर्सेज ने कहा कि रूस के काला सागर बेड़े पर हमला किया गया। इस हमले में कमांडर एडमिरल विक्टर सोकोलोव और 33 और सैनिकों की मौत हो गई। यूक्रेन की तरफ से बताया गया है कि यह एक मिसाइल हमला था, जिसे पिछले दिनों सेवस्तोपोल के क्रीमिया बंदरगाह पर किया गया। MM
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