अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव, एक बार फिर बाइडन बनाम ट्रम्प
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दो मुख्य अमेरिकी पार्टियों, यानी डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के इंट्रा-पार्टी चुनावों में अंतिम उम्मीदवारों के निर्धारण के साथ ही 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन और डोनल्ड ट्रम्प के बीच प्रतिस्पर्धा निर्धारित हो गई है।
(last modified 2024-03-13T13:05:15+00:00 )
Mar १३, २०२४ १८:३५ Asia/Kolkata
  • अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव, एक बार फिर बाइडन बनाम ट्रम्प

दो मुख्य अमेरिकी पार्टियों, यानी डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के इंट्रा-पार्टी चुनावों में अंतिम उम्मीदवारों के निर्धारण के साथ ही 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन और डोनल्ड ट्रम्प के बीच प्रतिस्पर्धा निर्धारित हो गई है।

12 मार्च को इंट्रा-पार्टी चुनावों के अंतिम दौर में, वर्तमान राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रम्प ने इंट्रा पार्टी चुनावों में वोटों की न्यूनतम संख्या हासिल कर ली, इस प्रकार दोनों नवंबर में राष्ट्रपति पद के लिए एक बार फिर एक दूसरे के आमने-सामने होंगे। प्राथमिक चुनावों में बाइडन के सामने कोई गंभीर प्रतिद्वंद्वी नहीं था और वह आसानी से डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के प्रतिनिधियों के आवश्यक कोरम तक पहुंच गए। डेमोक्रेटिक पार्टी में जीतने के लिए, उन्हें डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के सदस्यों से 1,968 वोटों की आवश्यकता थी, जबकि उन्हें 2,100 से अधिक वोट मिले।

ट्रम्प ने भी जल्द ही अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। चुनाव में उनकी अंतिम शेष चुनौती निक्की हेली थीं, जिन्होंने सुपर ट्यूज़डे के बाद रेस से हटने का एलान कर दिया। रिपब्लिकन पार्टी को जीतने के लिए ट्रम्प को रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के सदस्यों से लगभग 1,215 वोटों की आवश्यकता थी, प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 1241 से अधिक वोट हासिल हो चुके हैं।

इस प्रकार, नवंबर 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में, चार साल पहले की तरह, "जो बाइडन" और "डोनल्ड ट्रम्प" एक बार फिर राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। बाइडन ने ट्रम्प के चुनावी अभियान को ग़ुस्से और बदले का एक अभियान क़रार दिया है, जो अमरीकी विचार की नींव को ख़तरे में डाल सकता है।

उन्होंने अपने प्रशासन की आर्थिक उपलब्धियों का भी बचाव किया। हाल के महीनों में बाइडन की लोकप्रियता में गिरावट आई है। ग़ज़ा युद्ध में उनके रुख़ और ग़ज़ा में फ़िलिस्तीनियों के नरसंहार में ज़ायोनी शासन को अमेरिका के निरंतर समर्थन और सहायता ने कई अमेरिकी अधिकारियों और नागरिकों को नाराज़ कर दिया है।

जैसा कि काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस की मिनेसोटा शाख़ा के निदेशक हुसैन गीलानी का कहना है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी मुसलमानों ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में देश के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन का विरोध करने का इरादा किया है। ग़ज़ा युद्ध में इस्राईल के अंधे समर्थन के कारण, अमरीका में चुनाव क़रीब एकतरफ़ा हो गया है।

दूसरी ओर, जीत के बाद डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बाइडन की नीतियों पर हमला किया और उन्हें अमेरिकी इतिहास का सबसे कमज़ोर राष्ट्रपति बताया। सोशल नेटवर्क पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, "हमारे पास जश्न मनाने का समय नहीं है, इसके बजाय हमें बाइडन की हार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि वह अमेरिका के इतिहास में सबसे ख़राब राष्ट्रपति हैं। ट्रम्प पहले भी बाइडन को ख़राब नीतियों के लिए दोषी ठहरा चुके हैं।