क्या एलन मस्क ब्रिटिश जनमत को प्रभावित कर रहे हैं?
ब्रिटेन में हुए एक नए अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि एलन मस्क के नेतृत्व वाला एक्स नेटवर्क जानबूझकर दक्षिणपंथी और अतिवादी आंदोलनों की सामग्री को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।
स्काई न्यूज़ के मीडिया विश्लेषण से पता चलता है कि ट्विटर के अधिग्रहण के बाद अमेरिकी बिलियनयार एलन मस्क द्वारा प्रबंधित एक्स नेटवर्क एल्गोरिथम, ब्रिटिश दर्शकों के सामने अति-दक्षिणपंथी आंदोलनों से संबंधित सामग्री को काफ़ी हद तक उजागर करता है। पार्स टुडे के अनुसार, ये निष्कर्ष हज़ारों पोस्टों की जांच का मूल्यांकन करने के बाद प्राप्त हुआ है।
स्काई न्यूज़ के विश्लेषकों का कहना है कि एल्गोरिथम के काम करने के तरीक़े और अति-दक्षिणपंथ द्वारा समर्थित राजनीतिक सामग्री में उल्लेखनीय वृद्धि के बीच सीधा संबंध है, और यह प्रवृत्ति उपयोगकर्ताओं को संदेश प्रदर्शित करने की प्रणाली में बदलाव का संकेत दे सकती है।
एक्स नेटवर्क, जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, एलन मस्क के कार्यभार संभालने के बाद से अपनी आंतरिक संरचना, सामग्री नीति और प्रबंधन में व्यापक बदलावों का सामना कर रहा है। मस्क ने कंटेंट मॉडरेशन टीम के एक बड़े हिस्से को बर्ख़ास्त कर दिया है और "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" के नारे के तहत एल्गोरिथम के कोड को सार्वजनिक कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में पारदर्शिता केवल दिखावा है, और असली एल्गोरिथम X राजनीतिक सामग्री पर अभूतपूर्व नियंत्रण और पहुंच प्रदान करता है। स्काई न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इन नीतियों के कार्यान्वयन से अति-दक्षिणपंथी समूहों से जुड़े संदेशों और यहां तक कि ब्रिटिश डिफ़ेंस लीग जैसे समूहों से जुड़े खातों की दृश्यता में वृद्धि हुई है।
शोध के अनुसार, राजनीतिक दक्षिणपंथ से जुड़े खाते और टॉमी रॉबिन्सन जैसी हस्तियां, जिन पर पहले आव्रजन-विरोधी और भड़काऊ गतिविधियों के लिए मुक़दमा चलाया जा चुका है, उपयोगकर्ताओं की सामग्री अनुशंसाओं में प्रमुख स्थान प्राप्त कर रहे हैं। यहां तक कि तटस्थ श्रेणी के उपयोगकर्ताओं को भी अप्रवासियों, अल्पसंख्यकों और विपक्षी दलों की आलोचना करने वाले संदेशों की बाढ़ का सामना करना पड़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत कम समय में विशिष्ट सामग्री के रीपोस्ट की इतनी बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि एल्गोरिथम भावनात्मक और विभाजनकारी संदेशों को प्राथमिकता दे रहा है, जो ब्रिटिश राजनीतिक परिदृश्य में कुछ धाराओं के पक्ष में काम करते हैं।
लंदन में टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में आयोजित एक रैली में एलन मस्क का विवादास्पद वीडियो सामने आने के बाद से यह मुद्दा और गहरा गया है। "यूनाइट फ़ॉर द किंगडम" शीर्षक वाली यह रैली सितंबर के मध्य में संसद के पास आयोजित की गई थी और इसमें हज़ारों लोग शामिल हुए थे। रैली में शामिल लोगों ने सरकार की आव्रजन नीतियों का विरोध किया और ज़ोरदार सरकार विरोधी नारों के साथ राजनीतिक बदलाव की ज़रूरत पर बात की। भीड़ के सामने एक बड़े स्क्रीन पर दिखाए गए अपने वीडियो भाषण में, मस्क ने साफ़ शब्दों में कहा: "या तो खड़े हो जाओ या मर जाओ।" उन्होंने "संसद को भंग करने" का भी आह्वान किया और दावा किया कि "अनियंत्रित आव्रजन देश को बर्बाद कर रहा है।"
इन टिप्पणियों पर वामपंथी और मध्य-दक्षिणपंथी ब्रिटिश राजनेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने इसे ख़तरनाक और "एक संप्रभु राज्य की घरेलू राजनीति में सीधा दख़ल" बताया।
स्थानीय मीडिया का कहना है कि मस्क ने पहले भी टॉमी रॉबिन्सन के प्रचार के लिए एक्स का इस्तेमाल किया है। हालिया दिनों में, ब्रिटेन में दक्षिणपंथी रिफ़ॉर्म पार्टी के नेता और ब्रेक्सिट अभियान के एक प्रमुख व्यक्ति, निगेल फ़राज के साथ मस्क के घनिष्ठ संबंध भी राजनीतिक हलक़ों में चर्चा का विषय रहे हैं।
कई मीडिया साक्षात्कारों में, फ़राज ने मस्क के साथ अपने संबंधों का ज़िक्र किया है, एक्स के स्वामित्व को "सेंसरशिप के ख़िलाफ़ एक वैश्विक लड़ाई का हिस्सा" बताया है और आधिकारिक मीडिया पर "ब्रिटेन में चिंतित बहुसंख्यकों की आवाज़" को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया है। हालिया महीनों में मस्क द्वारा रिफ़ॉर्म पार्टी को वित्तीय सहायता दिए जाने की अटकलें भी तेज़ हुई हैं, लेकिन किसी भी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।
वामपंथी ब्रिटिश राजनेता हाल के घटनाक्रमों को लेकर ज़्यादा मुखर रहे हैं। लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में, ब्रिटिश ऊर्जा सचिव एड मिलिबैंड ने मस्क को "लोकतांत्रिक संवाद के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा" बताया और उनसे "ब्रिटिश घरेलू राजनीति से दूर रहने" का आग्रह किया। लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता एड डेवी ने भी मस्क के बेईमान हस्तक्षेप पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है: "किसी धनी विदेशी को हमारे देश में राजनीतिक खेल के नियम तय करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"
"यूनाइट फ़ॉर द किंगडम" रैली में एलन मस्क की विवादास्पद उपस्थिति और टिप्पणियों के जवाब में, ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीयर स्टारमर ने सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय प्रतीकों के राजनीतिक उपयोग और हिंसा की धमकियों को "ख़तरनाक और अस्वीकार्य" बताया और चेतावनी दी कि देश के झंडे का इस्तेमाल "अल्पसंख्यकों को डराने या राजनीतिक विभाजन पैदा करने" के साधन के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, उनकी सरकार ने अब तक ब्रिटिश राजनीतिक क्षेत्र में मस्क की बढ़ती भूमिका और प्रभाव के ख़िलाफ़ कोई ठोस व्यावहारिक या क़ानूनी कार्यवाही नहीं की है, और ये आलोचनाएं सिर्फ़ मीडिया और संसदीय रुख़ के रूप में ही व्यक्त की गई हैं। msm