यूरेशिया की महत्वपूर्ण ख़बरें | ईरान से ताजिकिस्तान को निर्यात में वृद्धि
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ईरान और ताजिकिस्तान के व्यापारिक संबंध
पार्स टुडे- ताजिकिस्तान के सीमा शुल्क समिति ने एक रिपोर्ट में घोषणा की: ईरान से ताजिकिस्तान को निर्यात बढ़ा है।
एशिया प्लस की रिपोर्ट के अनुसार ताजिकिस्तान के सीमा शुल्क समिति ने एक रिपोर्ट में घोषणा की कि वर्ष 2025 में ताजिकिस्तान से ईरान को निर्यात 112.8 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया है जबकि ईरान से आयात 371.2 मिलियन डॉलर रहा।
ईरान से ताजिकिस्तान को गैर-ऊर्जा वस्तुओं और उत्पादों का निर्यात भी वर्ष 2025 में 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। ताजिकिस्तान मुख्य रूप से ईरान से पेट्रोरसायन उत्पाद, निर्माण सामग्री और खाद्य पदार्थ आयात करता है।
ताजिकिस्तान ने ईरान और कई अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनका उद्देश्य टैरिफ कम करना और कृषि, वस्त्र और औद्योगिक उत्पादों सहित निर्दिष्ट वस्तुओं के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है। ये समझौते न केवल ताजिकिस्तान और उसके व्यापारिक भागीदारों के बीच व्यापार को आसान बनाते हैं बल्कि इस देश के आर्थिक और क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी मदद करते हैं। ईरान से ताजिकिस्तान में सबसे अधिक आयात होने वाला सामान पेट्रोलियम उत्पाद हैं।
अलीयेव का आर्मेनिया के साथ शांति पर जोर, आर्मेनिया के संविधान में बदलाव की शर्त
एक अन्य खबर यह है कि आज़रबाइजान के राष्ट्रपति ने आर्मेनिया के साथ शांति पर जोर देते हुए येरेवन के संविधान में बदलाव की शर्त को आवश्यक बताया।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के अवसर पर आज़रबाइजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीओफ़ ने फ्रांस 24 टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा: "हम आर्मेनिया के साथ शांति के एक दौर में प्रवेश कर चुके हैं जिसके शाश्वत होने की मुझे आशा है।"
आज़रबाइजान के राष्ट्रपति ने सीमाओं की स्थिति को शांतिपूर्ण बताया और कहा: " आज़रबाइजान ने एकतरफा रूप से आर्मेनिया के लिए माल पारगमन पर लगी पाबंदियाँ हटा दी हैं और इस देश को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात शुरू कर दिया है जो व्यावहारिक रूप से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों की शुरुआत होगी।"
अलीयेव ने आर्मेनिया के संविधान के मुद्दे और उसमें कराबाख के संबंध में मौजूद क्षेत्रीय दावों के बारे में कहा: "आर्मेनिया के संविधान में बदलाव किए बिना, औपचारिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।" mm