अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध विश्व अर्थव्यवस्था के लिए और भी बदतर स्थितियाँ पैदा करेगा
पार्स टुडे – अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक ने घोषणा की है कि यदि पश्चिम एशिया में युद्ध अगले वर्ष (2027) तक जारी रहता है तो विश्व अर्थव्यवस्था को और भी अधिक बदतर स्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
"क्रिस्टालिना जॉर्जीवा", अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक ने सोमवार को कहा: अमेरिका और इस्राइल के ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक विकास दर में कमी और कीमतों में मामूली वृद्धि के संबंध में IMF का पिछला पूर्वानुमान अब मान्य नहीं है।
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्जीवा ने चेतावनी दी: यदि युद्ध 2027 तक जारी रहता है और तेल की कीमत 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच जाती है तो हमें विश्व अर्थव्यवस्था के लिए इससे भी बहुत बदतर परिणाम की उम्मीद करनी चाहिए।
दूसरी ओर स्पेन के समाचार पत्र एल पाइस ने लिखा: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति न होना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद बने रहना और वाशिंगटन की आत्मघाती योजना का जारी रहना, दुनिया में आर्थिक पतन के खतरे को बढ़ा दिया है जबकि वैश्विक भंडार समाप्त हो रहे हैं और दुनिया तेल और गैस के इस महत्वपूर्ण मार्ग से धीरे-धीरे वंचित होती जा रही है, तेल की कीमत 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है और दुनिया में विशेष रूप से यूरोप में आर्थिक मंदी की संभावना बढ़ रही है। mm