ट्रंप घटबंधन तेज़ी से विघटित हो रहा है
ट्रंप का 2024 का विजयी गठबंधन, जो युवाओं, लैटिनो और मजदूर वर्ग के एक बड़े वर्ग को एक साथ लाया था, वास्तव में तेजी से विघटित हो रहा है।
कई नई रिपोर्टों और चुनावी आंकड़ों से यह साफ है कि उनकी सरकार की लोकप्रियता गिर रही है क्योंकि उनके वादे और हकीकत के बीच खाई बढ़ती जा रही है।
गिरती लोकप्रियता और बिखरता आधार
विभिन्न सर्वेक्षणों के अनुसार ट्रंप की लोकप्रियता एक नए निचले स्तर पर पहुंच गई है जो लगभग 34% से 37% के बीच है. यह गिरावट सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है; यह उनके मूल समर्थकों के बीच भी देखी जा रही है। उदाहरण के लिए 2024 में कुछ समय के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुके युवा मतदाता अब सबसे अधिक असंतुष्ट हैं साथ ही लैटिनो और अल्पसंख्यक समुदायों में भी उनका समर्थन तेजी से घटा है । सबसे बड़ा झटका तब लगा जब वह उन गोरे मजदूर वर्ग के मतदाताओं के बीच भी पिछड़ गए जो उनके सबसे मजबूत गढ़ हुआ करते थे ।
अमेरिका फर्स्ट' बनाम ईरान युद्ध: गठबंधन में दरार
ट्रंप के "अमेरिका फर्स्ट" एजेंडे और ईरान में उनके युद्ध के बीच का विरोधाभास उनके गठबंधन के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है ।
मूल वादों से दूरी: पूर्व फॉक्स न्यूज होस्ट टकर कार्लसन और पॉडकास्टर जो रोगन जैसे प्रमुख समर्थकों ने युद्ध की कड़ी आलोचना की है, इसे "बिल्कुल घिनौना" और "पागलपन" करार दिया है । उनका कहना है कि ट्रंप ने "कोई और युद्ध नहीं" का अपना मूल वादा तोड़ा है जिससे उनके समर्थक "धोखा" महसूस कर रहे हैं ।
सलाहकारों का इस्तीफा और बगावत: इस विवाद के चलते ही राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र के निदेशक जो केंट ने पद से इस्तीफा दे दिया यह कहते हुए कि ट्रंप को "धोखा" दिया गया है और यह युद्ध "अमेरिकी लोगों के लिए किसी काम का नहीं" है । रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्य थॉमस मैसी ने भी कांग्रेस को युद्ध पर वीटो की शक्ति देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया, जो पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को दिखाता है ।
चुनावी नतीजों पर सीधा असर
लगातार गिरते सर्वेक्षणों के साथ रिपब्लिकन पार्टी नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों में सत्ता गंवाने के गंभीर खतरे में है।
सत्ता का संतुलन बिगड़ता: हालिया सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकन पर 5 अंकों की बढ़त दिखा रहे हैं जिससे प्रतिनिधि सभा में उनका बहुमत हासिल करना संभव हो गया है । विश्लेषकों का अनुमान है कि डेमोक्रेट्स 10 से 25 सीटों का फायदा उठा सकते हैं ।
अर्थव्यवस्था का बोझ: सर्वेक्षणों से पता चलता है कि पहली बार, अमेरिकी जनता अर्थव्यवस्था को संभालने में रिपब्लिकन की तुलना में डेमोक्रेट्स पर अधिक भरोसा करती है । ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतें 25% से अधिक बढ़ गई हैं जिसने अमेरिकी परिवारों की दैनिक लागत को सीधे प्रभावित किया है। आर्थिक असंतोष अब सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है जो ट्रंप के पारंपरिक मजबूत पक्ष को कमजोर कर रहा है ।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध कितने समय तक चलता है और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का स्तर ही यह तय करेगा कि रिपब्लिकन मध्यावधि चुनावों तक कुछ हद तक अपना आधार बचा पाते हैं या नहीं। mm