मेक्सिको की संसद सदस्य द्वारा ईरानी जनता को श्रद्धांजलि
https://parstoday.ir/hi/news/world-i146558-मेक्सिको_की_संसद_सदस्य_द्वारा_ईरानी_जनता_को_श्रद्धांजलि
पार्स टुडे – मेक्सिको के प्रतिनिधि सभा की एक सदस्य ने अपनी पुस्तक "फिदेल इन द मैक्सिकन इमेजिनेशन" के विमोचन समारोह में इस्लामी गणराज्य ईरान को श्रद्धांजलि अर्पित की, और दुनिया के प्रतिरोधी और संघर्षशील राष्ट्रों की एकजुटता के बारे में बात की।
(last modified 2026-08-31T08:15:32+00:00 )
Aug ३१, २०२६ १३:४३ Asia/Kolkata
  • मेक्सिको की संसद सदस्य –
    मेक्सिको की संसद सदस्य – "फिदेल इन द मैक्सिकन इमेजिनेशन" पुस्तक के विमोचन समारोह में

पार्स टुडे – मेक्सिको के प्रतिनिधि सभा की एक सदस्य ने अपनी पुस्तक "फिदेल इन द मैक्सिकन इमेजिनेशन" के विमोचन समारोह में इस्लामी गणराज्य ईरान को श्रद्धांजलि अर्पित की, और दुनिया के प्रतिरोधी और संघर्षशील राष्ट्रों की एकजुटता के बारे में बात की।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पुस्तक "फिदेल इन द मैक्सिकन इमेजिनेशन" के दूसरे संस्करण का विमोचन समारोह – मेक्सिको के प्रतिनिधि सभा में – संसद सदस्यों, क्यूबा के राजदूत, तथा ईरान, निकारागुआ, वेनेज़ुएला, चीन, फ़लस्तीन और वियतनाम के राजदूतों एवं राजनयिकों, और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

इस समारोह में, पुस्तक की लेखिका – मारिया मैग्डालेना रोसालेस क्रूज़ – जो सत्तारूढ़ मोरेना पार्टी के संसदीय समूह की सदस्य हैं, ने अपने भाषण में इस्लामी गणराज्य ईरान और दुनिया के संघर्षशील राष्ट्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की, और लैटिन अमेरिका के परिवर्तनों तथा फिदेल कास्त्रो की भूमिका एवं विरासत का उल्लेख किया, जिन्होंने मुक्ति आंदोलनों को अपने विचार और कर्म से बदल दिया।

अपने भाषण के एक भाग में, उन्होंने कहा: "मैं इस्लामी गणराज्य ईरान को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ – एक ऐसा देश जो लैटिन अमेरिका के परिवर्तनों और उस चीज़ का अनुसरण करता था जिसे फिदेल ने अपने विचार और कर्म के माध्यम से बदल दिया।"

इस मेक्सिकन सदस्य ने निकारागुआ, वियतनाम और फ़लस्तीन का भी उल्लेख किया, और महान शक्तियों के वर्चस्व और दबाव के ख़िलाफ़ राष्ट्रों के संघर्ष के बारे में बात की, तथा बहादुर राष्ट्रों और प्रतिरोध करने वाले राष्ट्रों के प्रतिनिधियों की इस समारोह में उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने गरीबी और व्यापक असमानताओं का मुकाबला करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि राष्ट्रों को, अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए, "साम्राज्यवादी शोषण और वर्चस्व" के ख़िलाफ़ खड़ा होना चाहिए। (AK)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए 

फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें।