विश्लेषण | ईरान के खिलाफ युद्ध; अमेरिका के लिए रणनीतिक आपदा
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पार्सटुडे – अमेरिकी नेटवर्क एमएस नाउ (MS NOW) ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध के आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा परिणामों का ज़िक्र करते हुए इस संबंध में चेतावनी दी।
(last modified 2026-09-30T06:54:10+00:00 )
Sep ३०, २०२६ १२:२१ Asia/Kolkata
  • ईरान के खिलाफ युद्ध; अमेरिका के लिए रणनीतिक आपदा
    ईरान के खिलाफ युद्ध; अमेरिका के लिए रणनीतिक आपदा

पार्सटुडे – अमेरिकी नेटवर्क एमएस नाउ (MS NOW) ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध के आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा परिणामों का ज़िक्र करते हुए इस संबंध में चेतावनी दी।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नेटवर्क एमएस नाउ ने ईरान के खिलाफ युद्ध को वाशिंगटन के लिए एक रणनीतिक आपदा बताया और चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ युद्ध की भारी लागतों की निरंतरता कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के मुख्य कारकों में से एक बन सकती है।

 

एमएस नाउ नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध एक सीमित सैन्य संघर्ष से आगे बढ़कर वाशिंगटन के लिए एक पूर्ण रणनीतिक आपदा बन गया है। इस युद्ध ने न केवल अमेरिका के घोषित लक्ष्यों को हासिल नहीं किया, बल्कि अर्थव्यवस्था, सैन्य क्षमता, अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और सत्तारूढ़ पार्टी की आंतरिक स्थिति को एक साथ क्षीण कर दिया है। इसकी शुरुआत के दो सौ दिनों से अधिक बीत जाने ने इस वास्तविकता को और स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्रवाई की लागतें न तो मौसमी हैं और न ही युद्ध के मैदान तक सीमित हैं; बल्कि यह अमेरिकियों के दैनिक जीवन, वित्तीय बाजारों, रसद श्रृंखलाओं और यहाँ तक कि कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों में भी रिस गई है।

 

आर्थिक आयाम में, युद्ध की शुरुआत से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगभग पचास प्रतिशत की वृद्धि, जेट ईंधन की लागत में उछाल और परिणामस्वरूप हवाई टिकटों में बीस प्रतिशत से अधिक की महंगाई, तथा बंधक दरों में वृद्धि एक व्यापक संकट की तस्वीर है। फेडरल रिज़र्व को मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें ऊँची बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है और इसी नीति ने परिवारों और व्यवसायों के लिए ऋण लेने की लागत को और भारी कर दिया है। मूडीज़ एनालिटिक्स संस्थान के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क ज़ंडी ने युद्ध की कुल लागत 220 अरब डॉलर आँकी है; एक ऐसी राशि जो प्रत्येक औसत अमेरिकी परिवार के लिए लगभग 1,650 डॉलर के बराबर है। यह आँकड़ा केवल प्रत्यक्ष लागत है; अप्रत्यक्ष लागतें जैसे विकास में कमी, मुद्रास्फीति में वृद्धि और मिडवेस्ट राज्यों में किसानों तथा ट्रक चालकों पर दबाव, अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर और भारी बोझ डालती हैं। फसल कटाई के मौसम की पूर्व संध्या पर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें चुनावी प्रतिस्पर्धा में एक निर्णायक मुद्दा बन गई हैं और ट्रंप प्रशासन को रिपब्लिकनों के बीच भी दबाव में डाल दिया है।

 

सैन्य आयाम में ईरान युद्ध ने अमेरिका के हथियार भंडार को अभूतपूर्व रूप से खाली कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना ने लगभग अस्सी प्रतिशत थैड इंटरसेप्टर मिसाइलें और आधी पैट्रियट मिसाइलें खर्च कर दी हैं और अपनी लगभग सभी लंबी दूरी की सामरिक तथा सटीक हमले वाली मिसाइलें इस्तेमाल कर ली हैं। ये हथियार बिल्कुल वही संपत्तियाँ हैं जिनकी वाशिंगटन को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन का मुकाबला करने और यूरोप में अपनी प्रतिबद्धताएँ बनाए रखने के लिए आवश्यकता है। इन भंडारों का पुनर्निर्माण वर्षों ले सकता है और अभी भी अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों ने हथियारों की खेप की आपूर्ति में देरी और वाशिंगटन की सुरक्षा गारंटी के कमजोर होने पर चिंता व्यक्त की है। इसलिए ईरान के साथ युद्ध ने अन्य मोर्चों पर भी अमेरिका की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर दिया है और एक अर्थ में वाशिंगटन को बड़े प्रतिद्वंद्वियों के सामने और अधिक भेद्य बना दिया है।

 

घरेलू राजनीतिक आयाम में अमेरिकी जनमत ने इस युद्ध का समर्थन लगभग 30 प्रतिशत पर बनाए रखा है और इसी मुद्दे ने रिपब्लिकनों को मध्यावधि चुनावों की पूर्व संध्या पर कठिन स्थिति में डाल दिया है। अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड ने कहा कि ईरान युद्ध जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए; ये टिप्पणियाँ अमेरिकी सीनेट के दो अन्य उम्मीदवारों की समान मुद्दों के बाद, ट्रंप प्रशासन की ईरान के खिलाफ आक्रामकता के खिलाफ विरोध में वृद्धि को उनके अपने सहयोगियों के बीच भी दर्शाती हैं। अब प्रमुख राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप से दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह दूरी दिखाती है कि ईरान युद्ध रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक लागत बन गया है। मतदाता पेट्रोल की महंगाई, मुद्रास्फीति और संघर्ष की निरंतरता के लिए ट्रंप को ज़िम्मेदार मानते हैं और डेमोक्रेट्स ने भी युद्ध के लक्ष्यों की विफलता की आलोचना करते हुए इसे रिपब्लिकनों के खिलाफ एक चुनावी मुद्दा बना दिया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीस ने पहले ट्रंप की युद्धोन्मादी नीतियों की आलोचना करते हुए घोषणा की थी कि संयुक्त राज्य अमेरिका का ईरान के खिलाफ आक्रामक और बिना कारण युद्ध विफल हो गया है। जेफ्रीस ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि ट्रंप और रिपब्लिकनों के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था एक आपदा है और गलत रास्ते पर जारी है।

 

इस प्रकार भले ही यह युद्ध समाप्त हो जाए, इसके परिणाम आने वाले हफ्तों और महीनों तक जारी रहेंगे और यह कांग्रेस में रिपब्लिकनों की हार के मुख्य कारकों में से एक बन सकता है।

 

महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के खिलाफ युद्ध, एक सैन्य साहसिक कार्रवाई की छिपी और श्रृंखलाबद्ध लागतों का एक उदाहरण है। अमेरिका न तो अपने मुख्य लक्ष्यों तक पहुँचा, न लागतों को नियंत्रित कर सका, न अपनी सैन्य क्षमता बनाए रख सका और न ही सहयोगियों के बीच अपनी विश्वसनीयता मजबूत कर सका। जो बचा है, वह मुद्रास्फीति, रणनीतिक भंडार का क्षरण, सहयोगियों का अविश्वास और आंतरिक राजनीतिक संकट का मिश्रण है। इस दृष्टिकोण से, ईरान के खिलाफ युद्ध वाशिंगटन के लिए एक सीमित विजय नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आपदा है जिसके प्रभाव संघर्ष के औपचारिक अंत के बाद भी लंबे समय तक जारी रहेंगे। mm