अशरफ़ ग़नी ने किया अमरीकी सैनिकों का स्वागत
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अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने अमरीकी कांग्रेस के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमरीकी सैनिकों को बाक़ी रखा जाएगा।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jul ०७, २०१६ १८:०० Asia/Kolkata
  • अशरफ़ ग़नी ने किया अमरीकी सैनिकों का स्वागत

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने अमरीकी कांग्रेस के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमरीकी सैनिकों को बाक़ी रखा जाएगा।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार अशरफ़ ग़नी ने वाशिग्टन के इस फैसले को अमरीका तथा अफ़ग़ानिस्तान के बीच सहकारिता को बढ़ाने का सूचक बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का ख़तरा बना हुआ है और इस देश की सुरक्षा स्थिति अस्थिर हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के अंत तक अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदा संख्या बाक़ी रखने का फैसला किया है। बराक ओबामा का कार्यकाल जनवरी 2017 में समाप्त होगा।

इस समय अफगानिस्तान में 8400 अमेरिकी सैनिक हैं। पहले इस साल के अंत तक इनकी संख्या घटाकर 5500 करने का लक्ष्य तय किया गया था। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा है कि सैनिकों की भूमिका में कोई बदलाव नहीं होगा। अमरीकी सैनिक स्वयं को अफ़ग़ान सेना और पुलिस को सलाह और प्रशिक्षण देने तथा आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में मदद तक ही सीमित रखेंगे।

2009 में राष्ट्रपति बनने के बाद ओबामा ने ही युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी।

ज्ञात रहे कि अमरीका की ओर से अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों को बाक़ी रखने का निर्णय एेसी स्थिति में लिया गया है कि जब पिछले 15 वर्षों के दौरान उनकी अफ़ग़ानिस्तान में उपस्थिति के बावजूद वहां पर अशांति में तेज़ी से वृद्धि हुई है। टीकाकारों का कहना है कि अमरीका का आतंकवाद विरोधी अभियान केवल मौखिक है और व्यवहारिक रूप से यह पूर्ण रूप से विफल रहा है।