सभी पक्ष परमाणु समझौते का पालन करें, बान की मून
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गुट पांच धन एक के सदस्य देशों से मांग की है कि वे इस बात को सुनिश्चित बनाएं कि जेसीपीओए से ईरानी जनता को लाभ पहुंचे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २१, २०१६ ०५:५९ Asia/Kolkata
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून
    संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गुट पांच धन एक के सदस्य देशों से मांग की है कि वे इस बात को सुनिश्चित बनाएं कि जेसीपीओए से ईरानी जनता को लाभ पहुंचे।

बान की मून ने बुधवार को जारी बयान में कहा, “मैं जेसीपीओए में शामिल पक्षों से अपनी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने और सदस्य देशों से इस समझौते के पूरी तरह प्रभावी क्रियान्वयन का समर्थन करने पर बल देता हूं।” उनका यह बयान सुरक्षा परिषद द्वारा जेसीपीओए को अनुमोदित किए जाने की पहली वर्षगांठ पर आया है।

बान की मून ने कहा कि जेसीपीओए कूटनीति की जीत थी। मैं सभी पक्षों की ओर से प्रदर्शित किए गए समर्पण व संकल्प की सराहना करता हूं।

गुट पांच धन एक के सदस्य देश अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन और जर्मनी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान ने जेसीपीओए से संबंधित अपने सारे वचन पूरे किए हैं किन्तु इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय मंडी अभी भी ईरान की पहुंच से दूर है, हालांकि परमाणु समझौते में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय मंडी में ईरान की पहुंच को सुनिश्चित बनाने का वचन दिया गया है। अनेक अंतर्राष्ट्रीय बैंक ईरान के साथ इसलिए वित्तीय मामले करने से पीछे हट रहे हैं क्योंकि उन्हें अमरीका की ओर से जुर्माने का डर है।

ज्ञात रहे ईरान, रूस और अमरीका की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उस गोपनीय रिपोर्ट की निंदा किए जाने के कुछ ही दिन के भीतर, बान की मून का यह ताज़ा बयान सामने आया कि जिस रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि ईरान का बलिस्टिक मीज़ाईल कार्यक्रम जेसीपीओए की सार्थक भावना के अनुकूल नहीं है। साथ ही उन्होंने तेहरान से यह भी कहा कि वह बलिस्टिक मीज़ाईल का टेस्ट करने से बचे । हालांकि ईरान अनेक अवसर पर यह बात याद दिला चुका है कि उसका रक्षा कार्यक्रम परमाणु समझौते जेसीपीओए की परिधि से ख़ारिज है और उसका मीज़ाईल कार्यक्रम पूरी तरह रक्षात्मक आयाम पर आधारित है।(MAQ/N)