तुर्की में सैन्य विद्रोह ड्रामा था, ब्रितानी गुप्तचर संगठन का दावा
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तुर्क अख़बार ज़मान ने ब्रिटेन के आंतरिक गुप्तचर संगठन की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि तुर्की में हालिया विफल सैन्य विद्रोह एक ड्रामा था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २६, २०१६ १३:५४ Asia/Kolkata
  • तुर्की में सैन्य विद्रोह ड्रामा था, ब्रितानी गुप्तचर संगठन का दावा

तुर्क अख़बार ज़मान ने ब्रिटेन के आंतरिक गुप्तचर संगठन की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि तुर्की में हालिया विफल सैन्य विद्रोह एक ड्रामा था।

अख़बार ज़मान के अनुसार, सैन्य विद्रोह के दौरान अंकारा के कुछ अधिकारियों के कोडवर्ड वाले ई-मेल और टेलीफ़ोनी बातचीत ब्रितानी गुप्तचर संगठन के हाथ लगी है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, तुर्क सरकर के उच्च अधिकारियों ने सरकारी व निजी क्षेत्र में सरकार विरोधियों के सफ़ाए के लिए, इस विद्रोह को तुर्क सेना के सिर मढ़ने की योजना बनायी थी।

तुर्की में 15 जुलाई 2016 को इस देश के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान की सरकार के ख़िलाफ़ सैनिकों ने सैन्य विद्रोह की कोशिश की जो विफल हो गयी।

तुर्क अधिकारियों ने सशस्त्र बल, पुलिस, न्याय तंत्र और शिक्षा तंत्र से व्यापक स्तर पर विरोधियों के सफ़ाए के लिए लगभग 60 हज़ार सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और लगभग 10 हज़ार लोगों को गिरफ़्तार किया।  बहुत से मानवाधिकार संगठनों ने तुर्क सरकार की उस कार्यवाही पर चिंता व्यक्त की है जो वह तथाकथित सैन्य विद्रोहियों के साथ कर रही है। (MAQ/N)