फ़्रान्स में बुर्कीनी के विरुद्ध कार्यवाही पर कड़ी प्रतिक्रियाएं
फ़्रान्स के तटों पर बुर्कीनी पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध के ख़िलाफ़ कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने एक बयान जारी करके कहा है कि फ़्रान्स में सरकार द्वारा तटों पर मुस्लिम महिलाओं के इस्लामी पहनावे पर आधारित बुर्कीनी पहनने पर लगा प्रतिबंध, मानवाधिकार का हनन है। बयान में कहा गया है कि यह प्रतिबंध अभिव्यक्ति की आज़ादी, धर्म की आज़ादी और महिलाओं के पहनावे के अधिकार का खुला हनन है। एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने फ़्रान्स में महिलाओं के इस्लामी पहनावे पर लगे प्रतिबंध को तुरंत समाप्त किए जाने की मांग की है।
लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान ने भी मुस्लिम महिलाओं के पहनावे पर प्रतिबंध की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अपनी पेरिस यात्रा के अवसर पर कहा कि फ़्रान्स में बुर्कीनी पर लगा प्रतिबंध निंदनीय है और किसी को भी मुसलमान औरतों के पहनावे को सीमित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में पेरिस के मेयर से बात करेंगे।
ज्ञात रहे कि फ़्रान्स की सरकार ने देश के तटों पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा बुर्कीनी पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बुर्कीनी एेसा वस्त्र है जिसे पहन कर मुस्लिम महिलाएं स्वीमिंग करती हैं। इस वस्त्र में उनके, चेहरे, हाथ और पैर को छोड़ कर पूरा शरीर ढंका रहता है। कुछ दिन पहले ही फ़्रान्स की पुलिस ने एक मुस्लिम महिला से ज़बरदस्ती बुर्कीनी उतरवाई थी। फ़्रान्स सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक मानवाधिकार संगठन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और अदालत इस संबंध में शीघ्र ही फ़ैसला सुनाएगी। (HN)