यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार से स्लोवाकिया के ब्रातिसलावा नगर में आरंभ हुई है।
तुर्की व यूरोपीय संघ के संबंधों का भविष्य, मीन्स्क संघर्ष विराम समझौते के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और पूर्वी यूक्रेन की स्थिति और यूरोपीय संघ की विदेश नीति पर उसका प्रभाव, एेसे विषय हैं जिन पर इस बैठक में विचार किया जाएगा। तुर्की के संबंध में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि 15 जुलाई के विफल सैन्य विद्रोह के बाद तुर्क सरकार की दमनकारी कार्यवाहियों के बावजूद यह संघ अन्कारा से अपनी वार्ता जारी रखेगा। एेसा प्रतीत होता है कि वर्तमान समय में तुर्की और यूरोपीय संघ के रिश्ते अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। यूरोपीय संघ के सदस्य कुछ देशों ने तुर्क सरकार की वर्तमान नीतियों और विद्रोह के समर्थकों की गिरफ़्तार व उन्हें निष्कासित करने की कार्यवाहियों की आलोचना की है जिस पर अन्कारा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दिखाई है।
वस्तुतः तुर्की और यूरोपीय संघ के बीच जो समझौता हुआ है उससे अन्कार के अधिकारी ख़ुश नहीं हैं। इस समझौते के अंतर्गत तुर्की ने शरणार्थियों को नियंत्रित करने के संबंध में ठोस क़दम उठाए हैं और अनेक समाचारिक हल्क़ों का कहना है कि इस समझौते के बाद से यूरोप की ओर जाने वाला शरणार्थियों का रेला थम गया है लेकिन यूरोप इस समझौते के अनुसार अपने वादों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है। तुर्की के अनेक धड़ों व दलों ने राष्ट्रपति अर्दोग़ान पर आरोप लगाया है कि उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ हुए इस असमान समझौते को तेज़ी से लागू किया है जबकि यूरोप ने इस लागू करने में ज़रा सी भी रुचि नहीं दिखाई है। इसी के साथ अनेक यूरोपीय देश, तुर्की को यूरोपीय संघ की सदस्यता दिए जाने के पक्ष में भी नहीं हैं। (HN)